डिप्टी एसपी डॉ. रविशंकर मिश्र सर से प्रथम भेंट की स्मृतियाॅं...
डिप्टी एसपी डॉ. रविशंकर मिश्र सर से प्रथम भेंट की स्मृतियाॅं...
22 नवंबर 2024 को नई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित दि ग्रैंड होटल में कोंकण रेलवे, मुंबई, महाराष्ट्र के सीएमडी एवं साहित्यकार श्री संतोष कुमार झा जी की सुपुत्री सुश्री सुकृति झा जी, न्यायाधीश, तीस हजारी कोर्ट, दिल्ली के शुभ विवाह समारोह में सम्मिलित होने के पश्चात् अगले दिन 23 नवंबर 2024 को मुजफ्फरनगर में
गाँव के पड़ोसी भाई श्री गिरीश चंद्र मिश्र भैयाजी, तत्कालीन सचिव, सैनिक कोलमाइंस,ओडिशा के सुपुत्र श्री अनुराग मिश्र जी का शुभ विवाह था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज के संस्कृत विभाग के सीनियर डॉ. रविशंकर मिश्र सर को पूर्व में ही दूरभाष पर सादर आमंत्रित किया था। ज्ञात हो कि डाॅ. रविशंकर सर ग्राम बिरौली, पोस्ट सराय मधई ,पट्टी,प्रतापगढ़ के मूल निवासी हैं।
दिनांक 23 नवंबर 2024 को मुजफ्फरनगर में चुनाव मतगणना के कारण दिन भर व्यस्तता होने के बावजूद गणना संपन्न होने पर डॉ. रविशंकर मिश्र सर विवाह समारोह में पधारकर हम सभी को अनुगृहीत किए। उनका सहज, सरल एवं आत्मीय स्वभाव हम सबके लिए विशेष प्रसन्नता का विषय रहा।
इस आत्मीय भेंट के अवसर पर प्रतापगढ़ की मूल निवासी तथा वर्तमान में गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद में कार्यरत डॉ. वंदना पाण्डेय जी का ग़ज़ल-संग्रह ‘मशाल होने तक’ डॉ. रविशंकर मिश्र सर को सादर भेंट किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में सर के डिप्टी एसपी पद पर चयन की चर्चा सुनते रहते थे। अभिमानरहित संवाद ने इस मुलाकात को और भी यादगार बना दिया।
उनके आगमन से श्री गिरीश चंद्र मिश्र भैयाजी व उनकी सुपुत्री डॉ. अनुपम मिश्र (अन्नू), जो उस समय लखनऊ के मेदांता अस्पताल में कार्यरत थीं, तथा उनके दामाद डॉ. सौरभ तिवारी, नेत्र सर्जन, अग्रवाल अस्पताल विभूतिखंड, लखनऊ सहित हम सभी अत्यंत प्रसन्न हुए।
यह प्रसंग केवल एक विवाह समारोह में सहभागिता का नहीं, बल्कि आत्मीय संबंधों, पारस्परिक सम्मान और व्यस्तताओं के बीच भी निभाए जाने वाले दायित्वों का सुंदर उदाहरण है। डॉ. रविशंकर मिश्र सर का वह स्नेहिल आगमन आज भी स्मृतियों में विशेष स्थान रखता है।
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