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भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों के लिए लगाया गया कूलर

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भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों के लिए लगाया गया कूलर भायंदर। विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर , वाराणसी की तर्ज पर भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में प्रख्यात समाजसेवी तथा राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में बनाए गए काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए कूलर लगाया गया। आज पंडित लल्लन तिवारी ने मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर समाजसेवी सुनील तावड़े, श्री राम सेवा समिति के अध्यक्ष श्रीराम दुबे, संतोष मिश्रा, विवेक मिश्रा समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। ज्ञातव्य है कि यह मंदिर यहां के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां पर भगवान शंकर के अलावा अन्य देवी देवताओं की भी मूर्तियां स्थापित की गई है। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, स्थापना दिवस, होली तथा अन्य त्योहारों पर यहां धूमधाम से भजन कीर्तन तथा भंडारा का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके अलावा प्रत्येक शनिवार को सुंदरकांड पाठ तथा खिचड़ी वितरण का कार्यक्रम किया जाता है।

याची साठी केला अट्टाहास, शेवटचा दिवस गोड व्हावा! युक्तीप्रमाणे आदर्श मुलुख्याध्यापक श्री. अंबरसिंग मगर सर यांच्या सेवा पूर्ती निमित्त शाळेच्या वतीने आनंददायी निरोप!

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याची साठी केला अट्टाहास, शेवटचा दिवस गोड व्हावा!  युक्तीप्रमाणे आदर्श मुलुख्याध्यापक श्री. अंबरसिंग मगर सर यांच्या सेवा पूर्ती निमित्त शाळेच्या वतीने आनंददायी निरोप!   बृहन्मुंबई महानगरपालिका माध्यमिक शिक्षण विभागातील स गो बर्वेनगर मनपा माध्यमिक शाळा घाटकोपर पश्चिम येथील आदर्श मुख्याध्यापक श्री.अंबरसिंग सुभद्रा सुकदेव मगर सर, दिनांक 31 मे 2026 रोजी नियत वयोमानानुसार सेवा निवृत्त होत असल्याने शाळेतील शिक्षक आणि कर्मचारी यांच्या वतीने अविस्मरणीय आणि आनंददायी वातावरणात त्यांना निरोप देण्यात आला. शाळांना उन्हाळी सुट्टी सुरू असतांना आणि तसेच शालेय शिक्षक कर्मचारी यांना जनगणना, मतदान यादी दुरुस्ती च्या कामात व्यग्र असतांना देखील केवळ श्री अंबरसिंग मगर यांच्यावरील प्रेमाखातर मगर सरांचा सेवा कारकिर्दीतील शेवटचा दिवस असल्याकारणाने सर्व कर्मचारी आज शाळेत उपस्थित होते. सकाळी ठीक 7 वाजता शालेय वेळेनुसार मगर सरांचे अत्यंत उत्साहात स्वागत करण्यात आले. ज्या शाळेसाठी आपले संपूर्ण आयुष्य खर्ची घातले त्या शाळेला नतमस्तक होत शाळेला वंदन केले. आणि मुख्याध्यापक कार्यालयात मोर्चा व...

हीटवेव में अपने जान की बाजी लगाकर जनगणना कर रहे हैं प्रगणक

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हीटवेव में अपने जान की बाजी लगाकर जनगणना कर रहे हैं  प्रगणक गिनती नहीं ये इंसानों की, ये तो भारत की पहचान है। हर एक नागरिक इस देश का, इस माटी की जान है। जनगणना तो बस एक बहाना है,  पूरे विश्व को अपनी ताकत दिखाना है। भारतीय जनगणना का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। प्राचीन साहित्य 'ऋग्वेद' से  ज्ञात होता है कि 800-600 ईसा पूर्व के दौरान किसी न किसी रूप में जनसंख्या गणना के स्थान पर  जनगणना की जाती थी। कौटिल्य के अर्थशास्त्र, जो  लगभग 321-296 ईसा  पूर्व में लिखा गया था जिसमें कराधान के उद्देश्य से राजनीति के एक उपाय के रूप में जनगणना पर जोर दिया गया था।स्वतंत्रता पूर्व 1872 में ब्रिटिश वायसराय लार्ड मेयो के अधीन जनगणना हुई थी। लेकिन भारत की संपूर्ण जनगणना 1881में रिपन के समय हुई थी। उसके बाद हर, 10 वर्ष में जनगणना होती रही है। 1949 के पश्चात भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त द्वारा कराई जाती है। 1951के बाद की सभी जनगणनाएं 1948 की जनगणना अधिनियम के तहत कराई गई। 1948 का भारतीय जनगणना अधिनियम केंद्र सरकार...

स्वतंत्रता संग्राम से आज तक हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान : शशिमोहन सिंह क्षेम

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स्वतंत्रता संग्राम से आज तक हिंदी पत्रकारिता का महत्वपूर्ण योगदान :  शशिमोहन सिंह क्षेम जौनपुर। हिंदी पत्रकारिता का स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक देश व समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उक्त विचार जौनपुर पत्रकार संघ के अध्यक्ष शशिमोहन सिंह क्षेम ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में व्यक्त किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहाकि आज देश के लाखों युवा हिंदी समाचार पत्रों को पढ़कर उनसे ज्ञान अर्जित करके विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं। उन्होंने आज के दौर में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही गिरावट पर भी चिंता व्यक्त की। श्री क्षेम ने कहाकि आज उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय भी समाचार पत्रों में प्रकाशित समस्याओं पर संज्ञान लेकर कार्यवाही भी रहा है। ऐसे में पत्रकारों को सजग होकर कलम चलाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार रामश्रृंगार शुक्ल गदेला ने कहाकि दो सौ वर्षाें पूर्व पं. जुगल किशोर ने कलकत्ता से उदन्त मार्तण्ड नामक पत्र प्रकाशित करके हिंदी पत्रकारिता की नींव डाली थी। उस समय देश गुलामी की ...

*रील का रोग.....!*

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*रील का रोग.....!* सोशल मीडिया पर प्यारे....! आज के दौर में.... रील पर रील बन रही है........ हर हाथ को रोजगार भी मिला है... और इसके ही बहाने..... पीछे से नई-नई डील भी हो रही है.... रील के बहाने...व्यस्त होने भर का.. यहाँ सबको काम-काज मिला है... और इसी बहाने...नए-नए उद्यम... और संग में...नए-नए तरीकों का... रोज आगाज हो रहा है.... तेजी से मुनाफे की भी तलाश है... हर किसी को यहाँ....! इसीलिए....रील बनाने में.... नहीं किसी का कोई....! लिहाज हो रहा है.... कोई रील बना रहा है...तो... कोई रील बनवा रहा है.... कोई रील देख रहा है...तो... कोई यही रील दिखवा रहा है.... कोई इस रील से अपने सिद्धांतों पर मुहर मरवा रहा है.... हर एक रील में....देश दुनिया की...  कोई ना कोई कहानी है.... किसी में बचपन...तो... किसी में बुढ़ापा....किसी रील में... दिखती जवानी है..... किसी में आज का सच है....तो.... किसी में बातें उठी पुरानी है किसी ने सच को है दिखाया....तो... किसी ने कहानी को मोड़ा है किसी ने तोड़ डाला रिश्ता....तो.... किसी ने रिश्तों को.....! बेहद मजबूती से जोड़ा है.... गौरतलब है मित्रों..... रील ...

दुर्गा माता मंदिर के वर्धापन दिवस पर माता की चौकी का आयोजन

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दुर्गा माता मंदिर के वर्धापन दिवस पर माता की चौकी का आयोजन वसई। वर्तक कॉलेज के सामने, वसई पश्चिम में स्थित दुर्गा माता मंदिर के वर्धापन दिवस के अवसर पर 28 मई को माता की चौकी का भव्य आयोजन किया गया,जिसमें प्रख्यात भजन गायिका उषा शर्मा और देवेंद्र राणा ने अपने गए मधुर भजनों द्वारा पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। समाजसेवी उषा धुरी और उनके परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ो लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित रहने वाले प्रमुख लोगों में नगरसेविका अर्पणा पाटिल, नगरसेवक छोटू आनंद, समाजसेविका  रीता इस्सर आदि का समावेश रहा।

आम नागरिकों के लिए जल्द खुलेगा कुर्ला स्कायवॉक

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आम नागरिकों के लिए जल्द खुलेगा कुर्ला स्कायवॉक  मुंबई। कुर्ला (पश्चिम) स्थित टैक्सीमेन कॉलोनी से श्रीकृष्ण चौक तक सीताराम भैरू मार्ग पर बनाए जा रहे स्कायवॉक का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जून 2026 के प्रथम सप्ताह में यह स्कायवॉक आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा। इस परियोजना के संबंध में आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने लगातार पत्राचार एवं अनुवर्ती कार्रवाई कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उनके प्रयासों के चलते परियोजना की प्रगति और शेष कार्यों की जानकारी सार्वजनिक हुई तथा संबंधित विभागों को लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। स्कायवॉक शुरू होने के बाद प्रतिदिन हजारों की संख्या में पैदल यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। विशेष रूप से बारिश के मौसम में इस क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों को सड़क पार करने और आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में यह स्कायवॉक नागरिकों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प साबित होगा। इसके अलावा, पैदल यात्रियों के लिए अलग मार्ग उपलब्ध होने से सड़क पर भीड़...