आख्यान और स्मृति : कल, आज और कल” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन
आख्यान और स्मृति : कल, आज और कल” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन इस संगोष्ठी का उद्घाटन वक्तव्य वरिष्ठ कथाकार एवं ‘तद्भव’ के संपादक अखिलेश जी द्वारा दिया गया।मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा निदेशक प्रो.बी.एल. शर्मा थे। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बद्रीनारायण संप्रति कुलपति, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में धनंजय सिंह संप्रति सदस्य सचिव, आई सी एस एस आर उपस्थित थे। इस दो दिवसीय संगोष्ठी में देशभर के सम्मानित कवि, कथाकार, आलोचक, इतिहासकार और समाजविज्ञानी स्मृति और आख्यान के विविध आयामों पर विचार प्रस्तुत किया। इसके उपविषयों मेंभारतीय महाकाव्य और स्मृति,लोककथाओं और मौखिक परंपरा में सामूहिक स्मृति,स्त्री, दलित एवं वंचित समुदायों के आख्यान,विभाजन, विस्थापन और आघात की स्मृतियाँ,डिजिटल युग में स्मृति और नैरेटिव,पाठ्यक्रम, इतिहास लेखन और सत्ता की राजनीति जैसे अत्यंत समकालीन और विचारोत्तेजक विषय शामिल थे। यह संगोष्ठी केवल अकादमिक चर्चा का मंच नहीं है,बल्कि यह स्मृति और आख्यान के माध्यम से समाज, इतिहास और वर्तमान की पुनर्व्याख्या का ...