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जैन धर्म के दो महान ग्रंथों ‘श्री सन्मति तर्क’ एवं ‘श्री सिद्धहेमचन्द्र शब्दानुशासनम्’ का विमोचन

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जैन धर्म के दो महान ग्रंथों ‘श्री सन्मति तर्क’ एवं ‘श्री सिद्धहेमचन्द्र शब्दानुशासनम्’ का विमोचन मुंबई। जैन धर्म की गौरवशाली शास्त्रीय परंपरा, आध्यात्मिक विरासत और भारतीय ज्ञान-संपदा को समर्पित दो महान ग्रंथों ‘श्री सन्मति तर्क’ एवं ‘श्री सिद्धहेमचन्द्र शब्दानुशासनम्’ का भव्य विमोचन समारोह मुंबई के प्रार्थना समाज स्थित श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर संघ में श्रद्धा, भक्ति एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद मिलिंद देवरा तथा श्री वर्धमान श्रुतगंगा के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी डॉ. संजय जीवनलाल शाह सहित समाज के विशिष्ट महानुभावों एवं गणमान्य श्रावक-श्राविकाओं के करकमलों से इन महान ग्रंथों का विमोचन संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूज्य मुनि प्रवर श्री महाविमल विजयजी महाराज साहेब, पूज्य मुनिराज श्री पुण्य विजयजी महाराज साहेब तथा पूज्य साध्वी श्री तत्वदर्शनाश्रीजी महाराज साहेब सहित अनेक साधु-साध्वी भगवंतों की पावन उपस्थिति रही। आचार्य भगवंतों के सान्निध्य ने समारोह को आध्यात्मिक गरिमा एवं विशेष महत्व प्रदान किया। अपने संबोधन में श्री वर्धमान श्रुतगंगा के ...

दिल्ली विश्वविद्यालय में दो दिवसीय 'रचयिता साहित्य उत्सव' का समापन

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दिल्ली विश्वविद्यालय में दो दिवसीय 'रचयिता साहित्य उत्सव' का समापन दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय में 'रचयिता फाउंडेशन' की ओर से आयोजित दो दिवसीय 'रचयिता साहित्य उत्सव' का सफलतापूर्वक समापन हुआ। उत्सव में लोक, साहित्य, भाषा, स्त्री-विमर्श, गांधीवादी विचार, राष्ट्रीय अस्मिता, कविता, रील्स के दौर में पुस्तकों की बदलती भूमिका और पत्रकारिता जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, हंसराज कॉलेज की प्राचार्या प्रो. रमा, अनूप लाठर, प्रो. रंजन त्रिपाठी एवं रोजगार विथ अंकित के प्रतिनिधि अमर चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलन करके कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उत्सव के पहले सत्र 'साहित्य का लोक और लोक का साहित्य' में प्रो. मंजू मुकुल कांबले ने कविताओं के माध्यम से लोक, भाषा और साहित्य के संबंधों को रेखांकित किया। प्रो. अनूप लाठर ने हिंदी और उर्दू सहित भाषाओं के उद्गम पर चर्चा किए।सत्र का संचालन उत्तम कुमार ने किया। 'कविता की भाषा' सत्र में प्रो. रामेश्वर ने कहा कि कविता की भाषा को व्याकरण, शब्दावली, पारंपरिक शिल...

श्री आदर्श रामलीला उप समिति द्वारा आयोजित रामलीला में शामिल हुए गणमान्य

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श्री आदर्श रामलीला उप समिति द्वारा आयोजित रामलीला में शामिल हुए गणमान्य  मुंबई। कॉटन ग्रीन स्थित श्री आदर्श रामलीला उप समिति की ओर से आयोजित रामलीला में शनिवार, 31 अक्टूबर को कुंभकर्ण वध, मेघनाद वध और रावण वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। इसके बाद भगवान श्रीराम के रामराज्याभिषेक का आयोजन हुआ। इस अवसर पर राजनीति, सामाजिक क्षेत्र और चिकित्सा जगत से जुड़ी कई गणमान्य हस्तियों ने उपस्थित रहकर कार्यक्रम में सहभागिता की। रामराज्याभिषेक के अवसर पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उपनेता बाला नांदगांवकर, शिवसेना नेता एवं लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के अध्यक्ष सुधीर भाऊ साल्वी, डाक्टर अमर मिश्रा, दिनेश त्रिपाठी,के के तिवारी, नीतेश्वर मिश्र, शिवसेना नगरसेवक सचिन पडवाल, कंसल्टेंट शैलेश महिमतुरा और मखारिया उपस्थित रहे। इनके अलावा सर जेजे अस्पताल के ऑप्टोमेट्रिस्ट एवं सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. शशि कपूर तथा इसी अस्पताल के लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अमोल वाघ ने भी कार्यक्रम में शिरकत की। नवभारत के संपादक ब्रजमोहन पांडेय की भी विशेष उपस्थिति रही। रामलीला के दौरान प्रस्तुत किए गए कुंभकर्ण ...

जौनपुर वासियों के स्नेह, सहयोग और सहभागिता के लिए हृदय से आभार : ज्ञान प्रकाश सिंह

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जौनपुर वासियों के स्नेह, सहयोग और सहभागिता के लिए हृदय से आभार : ज्ञान प्रकाश सिंह जौनपुर। महर्षि जमदग्नि ऋषि की तपस्थली जौनपुर की पावन धरती पर आयोजित नौ दिवसीय भव्य श्रीराम कथा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर भारतीय जनता पार्टी के नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने समस्त जनपदवासियों के प्रति हृदय से आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम की असीम कृपा, जनपदवासियों के अपार स्नेह, श्रद्धा, सहयोग और सहभागिता के कारण यह धार्मिक आयोजन भव्यता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि नौ दिनों तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में जिस तरह से जौनपुर के श्रद्धालुओं, माताओं-बहनों, युवाओं, बुजुर्गों और धर्मप्रेमी नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की, वह उनके लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। कथा के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और लोगों की आस्था ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जनपदवासियों के इसी प्रेम और अपनत्व ने आयोजन को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित न रखकर सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक चेतना का एक यादगार अवसर बना दिया। उन्होंने विशेष रूप से सेवा...

केंद्र सरकार की बेरुखी के खिलाफ 12 दिसंबर को रामलीला मैदान में राष्ट्रीय आक्रोश रैली

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केंद्र सरकार की बेरुखी के खिलाफ 12 दिसंबर को रामलीला मैदान में राष्ट्रीय आक्रोश रैली जौनपुर । अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने ऐलान किया कि सरकार की कर्मियों की मांगों के प्रति बेरुखी के खिलाफ  कर्मचारी 12 दिसंबर को रामलीला मैदान दिल्ली में गरजेंगे और राष्ट्रीय आक्रोश रैली करेंगे। उन्होंने सरकार को चेताया कि 12 दिसंबर तक पुरानी पेंशन बहाली, मूल वेतन का 20 प्रतिशत या कम से कम पांच हजार रुपए प्रति माह अंतरिम राहत देने, दस की बजाय पांच साल में पे रिवीजन करने, टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने,ठेका संविदा कर्मियों को रेगुलर करने, निजीकरण पर रोक,18 महीने के बकाया डीए, डीआर को रिलीज करने , खाली पदों को स्थाई भर्ती से भर बेरोजगारों को रोजगार देने, चारों लेबर कोड्स की वापसी सहित अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की तो रैली में अगले आंदोलन का ऐलान कर दिया जाएगा। उन्होंने यह ऐलान शनिवार को पूजा पैलेस, जौनपुर (उ.प्र.) में आयोजित मंडलीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए किया। उन्होंने कहा कि रैली को लेकर कर्मियों में भारी उत्साह है और...

*कितनी सच्चाई है.....?**----- जितेन्द्र कुमार दुबे*

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*कितनी सच्चाई है.....?* *----- जितेन्द्र कुमार दुबे* जाने क्या....और जाने कैसा...? शायद....कुछ नया-नया सा... करने का...कर गुज़रने का...! जोश है...उत्साह है....विश्वास है समाज से...इनका अलगाव है...! मन में बिछोह है...विद्रोह है... घर-परिवार से....और... पारम्परिक रीति-रिवाज से... मनमानेपन की हद है...और... मतवालेपन की जिद है.... इनके...मन पर या सर पर....! ना किसी तरह का कोई बोझ है... इनमें व्यवस्था से....आक्रोश है... विचलन की उम्र में अपने....! ये ...खुद ही आँक रहे हैं.... दुनियावी घाटा और मुनाफा.... बेवकूफ हैं...उनकी नजर में...! देश के....सभी कर्णधार... मान के चल रहे हैं सब ही...! देश की नाव डूबने को है मँझधार, बचाने को...अपने हाथ में लेकर.. कई-कई पतवार.... घोषित किए हैं सभी... खुद ही....खुद को...! नाविक....बेहद होशियार... सही समझ रहे हो....! आप सब मेरे भाई.... जाने किधर से....? जेन जी की...ऐसी टीम है आई... इनके पास...चाय है...सुट्टा है... बीड़ी है...कचौड़ी है..... संग इसके समोसा है.... अचरज़ तो देखो प्यारे....! इस पर...इनको खूब भरोसा है... इसी से इनको...हर नुकसान की.. करनी भरपाई...

राष्ट्रीय एकात्मतेचे महानायक सरदार वल्लभभाई पटेल

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राष्ट्रीय एकात्मतेचे महानायक सरदार वल्लभभाई पटेल सरदार वल्लभभाई पटेल यांनी भारताची एकता आणि अखंडता टिकवून ठेवण्यासाठी अत्यंत महत्त्वाचे कार्य केले. त्यांच्या या कार्यामुळे भारतीय इतिहासात त्यांना एक विशेष स्थान मिळाले आहे. देशातील अनेक संस्थानांचे भारतात विलीनीकरण करून एकसंघ भारत घडवण्यात त्यांनी महत्त्वाची भूमिका बजावली. त्यांच्या कार्याचा गौरव करण्यासाठी गुजरातमधील नर्मदा नदीवरील सरदार सरोवर धरणाजवळ, विंध्याचल आणि सातपुडा पर्वतरांगांच्या परिसरात असलेल्या साधूबेट या बेटावर त्यांचा भव्य पुतळा उभारण्यात आला आहे. या पुतळ्याला ‘स्टॅच्यू ऑफ युनिटी’ असे नाव देण्यात आले आहे. १८२ मीटर उंचीचा हा पुतळा जगातील सर्वात उंच पुतळा म्हणून ओळखला जातो. सरदार पटेल यांच्याबद्दल भारतीयांच्या मनात असलेल्या आदराचे आणि देशाच्या एकतेचे तो प्रतीक आहे.या परिसरात एक भव्य संग्रहालयही उभारण्यात आले आहे. या संग्रहालयात सरदार पटेल यांच्या जन्मापासून ते देशाचे महान नेते आणि ‘लोहपुरुष’ म्हणून ओळख मिळेपर्यंतचा त्यांचा जीवनप्रवास दाखवण्यात आला आहे. ‘स्टॅच्यू ऑफ युनिटी’ हा अमेरिकेतील ‘स्टॅच्यू ऑफ...