मुंबई की भूस्खलन वाली जगहों पर रहनेवाले 22,483 परिवारों के सिर पर मंडराता मौत का खतरा
मुंबई की भूस्खलन वाली जगहों पर रहनेवाले 22,483 परिवारों के सिर पर मंडराता मौत का खतरा मुंबई में भूस्खलन के कारण जानमाल का नुकसान और आर्थिक नुकसान कोई नई बात नहीं है और राज्य सरकार पिछले 15 वर्षों से भूस्खलन के हादसे को नियंत्रित करने के लिए गंभीर नहीं है। पिछले 34 सालों में सड़क हादसों में 340 लोगों की मौत हुई है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मुंबई की 36 में से 25 विधानसभा की सीटों पर 257 जगहों को पहाड़ी इलाकों में खतरनाक की श्रेणी में रखा गया है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि मुंबई स्लम इम्प्रूवमेंट बोर्ड ने राज्य सरकार को प्राथमिकता के आधार पर 22,483 झोपड़ियों में से 9657 झोपड़ियों को स्थानांतरित करने की सिफारिश की थी। पहाड़ियों के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाकर शेष झोपड़ियों की सुरक्षित करने का प्रस्ताव रखा गया था। अनिल गलगली ने इससे पहले महाराष्ट्र सरकार को मानसून के दौरान 327 जगहों पर भूस्खलन की वजह से चेतावनी दी थी। वर्ष 1992 से 2026 के बीच भूस्खलन के हादसे में 340 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। मुंबई स्लम इम्प्रूवमेंट बोर्ड ने स्थानांतरण ...