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नर हो न निराश करो मन को...

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नर हो न निराश करो मन को... लखनऊ। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती के अवसर पर कवि दिवस का आयोजन शिक्षक बृजनंदन चौबे के आवास पर किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा काव्यपाठ के माध्यम से अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। इस अवसर पर मैथिलीशरण गुप्त के साहित्यिक अवदान पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। विशेष रूप से उनकी कालजयी कृतियों 'साकेत' एवं 'पंचवटी' पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने इन रचनाओं के गूढ़ भाव, काव्यगत एवं शिल्पगत विशेषताओं, भाषा-सौष्ठव, चरित्र-चित्रण, राष्ट्रीय चेतना तथा मानवीय मूल्यों को रेखांकित करते हुए उनके साहित्य की समकालीन प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने कहा कि राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त का साहित्य भारतीय संस्कृति, राष्ट्रप्रेम और मानवीय संवेदनाओं का अनुपम दस्तावेज है, जो आज भी नई पीढ़ी को प्रेरणा प्रदान करता है। कार्यक्रम में योगेन्द्र चौबे, अरुणिमा चौबे, रूद्रांश, रम्या, मनोज तिवारी, महेन्द्र मिश्र, अश्वनी तिवारी, ...

*ए तो अभी आगाज है*

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*ए तो अभी आगाज है*          अहंकार सबका टूटता है।रावण का टूटा,कंस का टूटा, मुगलों का टूटा, ब्रितानियों का टूटा,कांग्रेस का टूटा। तृणमूल का टूटा,राजद का टूटा,बीआर एस का टूटा,आप का टूटा।जिस जिस ने सनातन के साथ अहंकार में आकर धोखा किया सबका अहंकार टूटा। भाजपा में भी अहंकार का बीजारोपण हो गया है।इसलिए अब उसकी बारी आ गई है।इस अहंकार टूटने पर एक पौराणिक कथा याद आ गई।       जब सृष्टि की रचना परम ब्रह्म परमेश्वर श्रीहरि विष्णु जी ने की तो सबके रहने खाने की व्यवस्था भी की।जिसका जैसा तन था,उसी हिसाब से खाने की व्यवस्था भी बनाई।सबको यथा योग्य बाॅंट दिया।मगर श्रीहरि विष्णु जी ने अपने लिए कुछ नहीं रखा।श्रीहरि के अनन्य भक्त ऋषि नारद जी ने जब यह देखा कि प्रभू ने सबकुछ बाॅंट दिया।अपने लिए तो कुछ रखा ही नहीं।तो आरत होकर भगवान से पूछे।भगवन वैसे तो आप सबके साथ न्याय ही करते हैं।पर अपने साथ अन्याय क्यूॅं।श्रीहरि जी मुस्कुराते हुए बोले,नारद मैं समझा नहीं।नारद जी विह्वल होकर बोले,भगवन आपने सबको खाने की व्यवस्था तो किये।मगर अपने लिए कुछ छोड़े ही नहीं।प्रभू आ...

*आनलाईन बहुविधीय काव्यगोष्ठी सम्पन्न*

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*आनलाईन बहुविधीय काव्यगोष्ठी सम्पन्न*        राष्ट्रीय साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन न्यास मुम्बई ने बहुविधीय काव्यगोष्ठी का आयोजन विशेष परिस्थिति बस आनलाईन आयोजित किया। हालांकि सदैव जमीनी मासिक आयोजन होता था।और आगे भी होता रहेगा।इस बहुविधीय आयोजन की अध्यक्षता संस्था के वरिष्ठ मार्गदर्शक आ.मोतीलाल बजाज जी ने की संचालन संस्था के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी जी ने किया।मुख्य अतिथि आ.आध्यात्मिक गुरू अर्जुनधर द्विवेदी जी आयोजन को गरिमामय बनाये। आयोजक सौरभ दत्ता "जयंत" जी रहे।आनलाईन इस बहुविधीय आयोजन में कजरी कविता गज़ल मल्हार गीतिका दोहा मुक्तक की बरसात हुई। प्रस्तुति देने वाले देश के सुविख्यात कवि श्री हौसिला प्रसाद "अन्वेषी",पं.जमदग्निपुरी, सौरभ दत्ता "जयंत",बलसाड़ से,नवी मुंबई से अवनीश दीक्षित "दिव्य", नागपुर से रामकृष्ण सहस्रबुद्धे, दिल्ली से पंकज तिवारी, ठाणे से डॉ शारदा प्रसाद दुबे "शरदचंद्र"लालबहादुर यादव "कमल ", यूपी से नागेन्द्र यादव, ओमप्रकाश सिंह, अरुण दुबे"अविकल", डॉ कृपाशंकर मिश्र,...

मुलुंड की 256 एकड़ मिठागर भूमि बचाने हेतु शांतिपूर्ण जनआंदोलन

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मुलुंड की 256 एकड़ मिठागर भूमि बचाने हेतु शांतिपूर्ण जनआंदोलन मुंबई | क्रांति दिवस (09 अगस्त) के ऐतिहासिक अवसर पर एकता – द पावर ऑफ यूथ एंड यूनिटी (NGO) द्वारा मुलुंड (पूर्व), मुंबई स्थित 256 एकड़ मिठागर (Salt Pan) भूमि के संरक्षण हेतु "नमक सत्याग्रह 2026" का आयोजन किया जा रहा है। महात्मा गांधी के ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह से प्रेरित यह जनआंदोलन मुंबई की पर्यावरणीय धरोहर, वेटलैंड्स तथा मिठागर भूमि के संरक्षण के लिए जनजागरण एवं जनभागीदारी का संदेश देगा। आंदोलन का नेतृत्व राकेश शंकर शेट्टी, संस्थापक एवं अध्यक्ष, एकता – द पावर ऑफ यूथ एंड यूनिटी (NGO) करेंगे। इसमें पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, आवासीय संस्थाएँ, युवा संगठन तथा बड़ी संख्या में नागरिक भाग लेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व का समर्थन इस जनआंदोलन को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का समर्थन प्राप्त हुआ है। नश्रीमती वर्षाताई एकनाथ गायकवाड़ – अध्यक्ष, मुंबई रीजनल कांग्रेस कमेटी, हर्षवर्धन वसंतराव सपकाल – अध्यक्ष, महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी,मोहम्मद आरिफ (नसीम) खान – कार...

महाराष्ट्र सरकार ने रत्न एवं आभूषण उद्योग को दिया पूर्ण समर्थन का भरोसा

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महाराष्ट्र सरकार ने रत्न एवं आभूषण उद्योग को दिया पूर्ण समर्थन का भरोसा मुंबई।  महाराष्ट्र सरकार के कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने सोमवार को मुंबई के विले पार्ले (पूर्व) स्थित होटल सहारा स्टार में ज्वेल ट्रेंड्ज जेम्स एंड ज्वेलरी शो इंडिया (JTIGJS) 2026 के 22वें संस्करण का भव्य उद्घाटन किया। ज्वेल ट्रेंड्ज द्वारा आयोजित यह छह दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बी2बी प्रदर्शनी देश के रत्न एवं आभूषण उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक आयोजनों में से एक है। प्रदर्शनी में 150 से अधिक अग्रणी आभूषण निर्माता, 100 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल तथा भारत सहित 12 देशों से आए 5,000 से अधिक पंजीकृत रिटेलर्स, थोक व्यापारी एवं अंतरराष्ट्रीय खरीदार भाग ले रहे हैं। उद्घाटन अवसर पर अपने संबोधन में मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि रत्न एवं आभूषण उद्योग महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख आधार है, जो लाखों लोगों को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ भारत के निर्यात में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार इस उद्योग के विकास के लिए कौशल विकास, नवाचार, आ...

जहां श्रीकृष्ण का साथ हो वहां सत्य की विजय सुनिश्चित : चीफ केसी पांडे

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जहां श्रीकृष्ण का साथ हो वहां सत्य की विजय सुनिश्चित : चीफ केसी पांडे नाशिक। सत्य, प्रेम, कर्म और धर्म के मार्ग पर ही भगवान श्रीकृष्ण का वास होता है। जहाँ इंसान निष्काम भाव से अपने कर्तव्य का पालन करता है। जहाँ अहंकार छोड़कर भक्त पूरी तरह समर्पित होता है। जहाँ श्रीकृष्ण का साथ हो, वहाँ सत्य की विजय सुनिश्चित है। सतपुर, नासिक के बीएलवीडी होटल में आयोजित “सुनो श्रीकृष्ण क्या कह रहे हैं...?” पुस्तक के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए प्रख्यात समाजसेवी तथा विश्व प्रसिद्ध गार्गोटी म्यूजियम के संस्थापक चीफ केसी पांडे ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने प्रेरणादायक पुस्तक लिखने के लिए डॉ. रोचना भारती को बधाई दी। प्रमुख वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रख्यात विद्वान डॉ. वागीश आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष शोध निदेशक डॉ. विद्या केशव चिटको ने किया। इस अवसर पर उद्योगपति तापड़िया विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सुंदर संचालन कवयित्री सुनीता महेश्वरी ने किया।

भारतीय संस्कृति अनुभूति और सहजीवन का संदेश देती है : राजकिशोर वाजपेई

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भारतीय संस्कृति अनुभूति और सहजीवन का संदेश देती है : राजकिशोर वाजपेई ठाणे। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की केंद्रीय इकाई की ओर से शनिवार सायंकाल आयोजित व्याख्यानमाला में प्रख्यात वक्ता राजकिशोर वाजपेई ने "भारतीय संस्कृति" विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं का संग्रह नहीं, बल्कि अनुभूति, सहजीवन और सार्वभौमिक दृष्टि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का मूल उद्देश्य मनुष्य को श्रेष्ठ जीवन मूल्यों से जोड़कर मनुष्यता की स्थापना करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ज्योति कृष्ण मिश्रा द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद ट्रस्ट की राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह ने ट्रस्ट का संक्षिप्त परिचय देते हुए मुख्य वक्ता का स्वागत किया और व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया। अपने संबोधन में राजकिशोर वाजपेई ने कहा कि भारतीय संस्कृति की विषय-वस्तु संपूर्ण वसुधा है। हमारे देवविग्रह किसी न किसी जीव, वृक्ष अथवा प्रकृति से जुड़े हैं और उनके वाहन भी विभिन्न प्राणी हैं, जो सहजीवन और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान...