लोकगायिका ‘कल्चरल दीदी’ कुसुम वर्मा समेत चार विभूतियों को मिला ‘दुर्गा स्वरूपा सम्मान’
लोकगायिका ‘कल्चरल दीदी’ कुसुम वर्मा समेत चार विभूतियों को मिला ‘दुर्गा स्वरूपा सम्मान’
नया सबेरा/अश्वनी तिवारी
लखनऊ। रविवार को उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी सभागार में दुर्गा स्वरूपा फाउंडेशन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में लोकसंस्कृति, अवधी भाषा, साहित्य एवं लोकगायन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए चार विभूतियों को ‘दुर्गा स्वरूपा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
समारोह की मुख्य अतिथि एवं उ. प्र. के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक ने लोकगायिका ‘कल्चरल दीदी’ कुसुम वर्मा, संप्रति - प्रधानाचार्या जीजीआईसी विकासनगर, लखनऊ को सम्मानित किया। प्रधानाचार्या व लोक गायिका कुसुम वर्मा द्वारा लोकगीतों से भारतीय लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की गई। इसी क्रम में अवधी आराधक डॉ. राम बहादुर मिश्र, गीतकार एवं गायक पं. शिव पूजन शुक्ला तथा अवधी आराधक एडवोकेट विनोद मिश्र को भी ‘दुर्गा स्वरूपा सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
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