वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नागरी लिपि पर संगोष्ठी आयोजित
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नागरी लिपि पर संगोष्ठी आयोजित
अण्डमान एवं निकोबार। नागरी लिपि परिषद् , अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह इकाई तथा जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय के स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में बुधवार को “वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नागरी लिपि” विषय पर एक दिवसीय राज्य स्तरीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इस अवसर पर ‘हिन्दी कहानी तथा कथेतर गद्य विधाएँ’ पुस्तक का लोकार्पण किया गया, जिसके संपादक डॉ. रमेश कुमार एवं डॉ. रत्ना कुशवाह हैं।प्राचार्या डॉ. पर्ल देवदास ने हिन्दी एवं नागरी लिपि की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्र में डॉ. रमेश कुमार ने बीज वक्तव्य प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता डॉ. नेहा सिंह एवं डॉ. दीपाली कुजूर ने नागरी लिपि के महत्त्व, हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा भारतीय भाषाओं के बीच समन्वय पर विचार व्यक्त किए। अध्यक्षीय वक्तव्य डॉ. राम गोपाल सिंह बघेल ने दिया।
सहायक आचार्य डाॅ. प्रतिभा सिंह, डाॅ. पूजा की उपस्थिति में डाॅ. लालमणि ने स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन एवं सह-संयोजन डॉ. दीक्षा गुप्ता ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पैट्रिक एक्का ने प्रस्तुत किया।
Comments
Post a Comment