जौनपुर में नौ दिवसीय श्री राम कथा का समापन, भक्ति और श्रद्धा का दिखा अद्भुत संगमआयोजक ज्ञानप्रकाश सिंह ने माना सबका आभार

जौनपुर में नौ दिवसीय श्री राम कथा का समापन, भक्ति और श्रद्धा का दिखा अद्भुत संगम
आयोजक ज्ञानप्रकाश सिंह ने माना सबका आभार

जौनपुर। बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के अंतिम दिन कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने शबरी भक्ति, सुंदरकांड, लंका विजय और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि श्रेष्ठ दांपत्य जीवन की पहचान कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे का साथ निभाना है। माता सीता और भगवान श्रीराम के प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने प्रेम, विश्वास और पारिवारिक मर्यादा का संदेश दिया। लव-कुश प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीता की स्वर्ण प्रतिमा के माध्यम से यज्ञ संपन्न करने को भगवान श्रीराम के सम्मान और समर्पण का प्रतीक बताया।
कथा के अंतिम चरण में उन्होंने बताया कि 14 वर्ष का वनवास पूरा कर भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर पूरे नगर में उत्सव छा गया। विधि-विधान से हुए राज्याभिषेक के साथ श्रीरामकथा का समापन हुआ। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है। आचार्य शांतनु महाराज ने कथा के मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह की सराहना करते हुए कहा कि वह आगे भी इसी प्रकार भव्य श्रीरामकथा का आयोजन कराते रहें और जौनपुरवासी रामकथा में डुबकी लगाते रहें। आयोजन को सफल बनाने में सेवा भारती के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सक्रिय रहे।
अंतिम दिन पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, सिद्धार्थ सिंह (वाराणसी), भाजपा नेता सुधांशु सिंह, अम्बरीष सिंह ‘भोला’ (मानद सदस्य, वाराणसी विकास प्राधिकरण), पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुभाष सिंह यादव, राजवीर सिंह ‘राजा’, संतोष मिश्रा, माध्यमिक शिक्षक संघ के नेता संतोष सिंह, डीजीपी राजकुमार विश्वकर्मा तथा चित्रकूट दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. आर.एन. त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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