नवी मुंबई में राष्ट्रीय कवि संगम की प्रथम गोष्ठी में गूंजे राष्ट्र जागरण के स्वर*
नवी मुंबई में राष्ट्रीय कवि संगम की प्रथम गोष्ठी में गूंजे राष्ट्र जागरण के स्वर*
*नवी मुंबई।* साहित्य और संस्कृति को समर्पित अखिल भारतीय संगठन राष्ट्रीय कवि संगम की नवी मुंबई इकाई ने अपनी साहित्यिक यात्रा का शुभारंभ काव्य गोष्ठी के साथ किया। गोष्ठी का आयोजन 9 अक्टूबर को सीवुड्स स्थित केंद्रीय विहार में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सुरेंद्र प्रसाद गांई ने की, जबकि महाराष्ट्र प्रदेश की अध्यक्षा रीमा राय सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं। नवी मुंबई इकाई की अध्यक्ष सीमा त्रिवेदी 'साज' और उपाध्यक्ष लक्ष्मी यादव 'ओजस्विनी' ने पूरे कार्यक्रम का संयोजन और संचालन संभाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ संगठन के प्रेरणास्रोत संस्थापक अध्यक्ष स्व. जगदीश मित्तल 'बाबूजी' को नमन के साथ हुआ। सभी रचनाकारों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया। तत्पश्चात वंदना श्रीवास्तव जी ने मधुर सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज में नकारात्मकता बढ़ रही है, तब साहित्यकारों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। कलम के माध्यम से ही राष्ट्र को जागृत किया जा सकता है। प्रदेश अध्यक्षा रीमा राय सिंह ने कहा कि माउंट आबू राष्ट्रीय अधिवेशन में महाराष्ट्र ने जिस एकजुटता का परिचय दिया था, उसी जोश को नवी मुंबई में भी आगे बढ़ाना है।
सीमा त्रिवेदी ने घोषणा की कि नवी मुंबई में अब हर माह ऐसी काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, ताकि नए रचनाकारों को मंच मिल सके।
काव्य पाठ में एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां हुईं। वंदना श्रीवास्तव, डॉ. सुजाता उदेशी, अश्वनी 'उम्मीद' लखनवी, श्वेता सिंह, अंकिता सिंह, रश्मी कुमारी, कविता झा, अर्चना झा, सुषमा श्रीवास्तव, सीमा श्रीवास्तव सहित सभी कवयित्रियों ने श्रृंगार, ओज और देशभक्ति के रंग बिखेरे। लक्ष्मी यादव के ओजस्वी संचालन ने गोष्ठी में ऊर्जा बनाए रखी।
अंत में श्वेता सिंह, अंकिता सिंह और रश्मी कुमारी द्वारा की गई आत्मीय मेजबानी के लिए सभी ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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