बहुत बदला हुआ माहौल है गज़लकार गिरीश श्रीवास्तव "गिरीश"
बहुत बदला हुआ माहौल है
गज़लकार गिरीश श्रीवास्तव "गिरीश"
अनोखी है निराली खूबसूरत इक कला सी है।।
अगर जीना नहीं आता तो दुनियां इक बला सी है।।
बहुत मुश्किल छिपाना है ये आंखें बोल देती हैं-
मुझे मालूम है चेहरे पे छाई क्यों उदासी है।।
मुझे डर लगता है खुशियों से अक्सर दूर रहता हूँ-
ग़मों से जान और पहचान मेरी अच्छी खासी है।।
कभी पूरी नहीं होती तसल्ली सिर्फ देती है-
भरोसे का नहीं लगता ये वादा तो सियासी।।
सुनेगा कौन किसके सामने दिल खोल कर रखदूं-
मुरौवत अब जमाने में नहीं देखो जरा सी है।।
बहुत बदला हुआ माहौल है अब देखिये गिरीश-
तबीयत से विदेशी और भारत का निवासी है।।
-----गिरीश श्रीवास्तव"गिरीश " जौनपुर
-------9919667469
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