नागरिकों के लिए खुला चांदिवली का कैप्टन दीपक वसंत साठे और नाहर अमृत शक्ति उद्यान
नागरिकों के लिए खुला चांदिवली का कैप्टन दीपक वसंत साठे और नाहर अमृत शक्ति उद्यान
मुंबई। चांदिवली स्थित कैप्टन दीपक वसंत साठे और नाहर अमृत शक्ति उद्यान को नागरिकों के लिए खोल दिया गया है। डेवलपर द्वारा आम नागरिकों को उद्यान में प्रवेश नहीं दिए जाने का मुद्दा सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने उठाया था। इसके बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने उद्यान विभाग को तत्काल उद्यान खोलने के निर्देश दिए। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते मात्र 25 मिनट में उद्यान का ताला खोल दिया गया। शनिवार को उद्यान नागरिकों के लिए खोल दिया गया। इस अवसर पर साकीनाका पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अविनाश मांदले, सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली, नगरसेवक प्रकाश मोरे, किरण लांडगे और पूर्व नगरसेवक ईश्वर तायडे उपस्थित थे।
नाहर अमृत शक्ति उद्यान बृहन्मुंबई महानगरपालिका के आरक्षण के अंतर्गत आने वाला उद्यान है। इसका कुल क्षेत्रफल 33,473.07 वर्ग मीटर यानी लगभग 8.27 एकड़ है। इस उद्यान का विकास नाहर समूह द्वारा किया गया है। उद्यान के निर्माण के लिए पूर्व नगरसेवक ईश्वर तायडे ने पहल की थी। उनके प्रयासों से इस क्षेत्र में नागरिकों के लिए हरित क्षेत्र विकसित करने के कार्य को गति मिली।
इस उद्यान की प्रमुख विशेषता यह है कि यहां मियावाकी पद्धति से कुल 41,207 पेड़ लगाए गए हैं। मियावाकी पद्धति में मुख्य रूप से स्थानीय वृक्ष प्रजातियों को सघन रूप से लगाया जाता है। इससे हरित क्षेत्र विकसित करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और शहरी पर्यावरण के संरक्षण में मदद मिलती है। हालांकि, दो वर्ष बीत जाने के बावजूद इतने बड़े हरित क्षेत्र में नागरिकों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। इससे सार्वजनिक उद्यान के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। अनिल गलगली ने यह रुख अपनाया कि महानगरपालिका के आरक्षण के अंतर्गत आने वाले उद्यान का लाभ आम नागरिकों को मिलना चाहिए।
अनिल गलगली ने यह मुद्दा अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे के समक्ष उठाया। इसके बाद डॉ. ढाकणे ने संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने निर्देशों पर अमल करते हुए मात्र 25 मिनट में उद्यान का ताला खोलकर नागरिकों के लिए प्रवेश सुनिश्चित किया।
41,207 पेड़ों से समृद्ध मियावाकी उद्यान के नागरिकों के लिए खुलने से क्षेत्र के लोगों को इस हरित क्षेत्र का लाभ मिल सकेगा। उद्यान के निर्माण के लिए पूर्व नगरसेवक ईश्वर तायडे की पहल और इसे नागरिकों के लिए खुलवाने हेतु अनिल गलगली द्वारा किए गए प्रयास इस घटनाक्रम के महत्वपूर्ण पहलू हैं। सार्वजनिक उद्यानों का लाभ आम नागरिकों को मिले और सार्वजनिक स्थानों पर उनके अधिकार सुरक्षित रहें, इस दृष्टि से यह कार्रवाई महत्वपूर्ण है।
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