*जीवनधारा नमामि गंगे के प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा में की उच्चस्तरीय बैठक*

*जीवनधारा नमामि गंगे के प्रतिनिधिमंडल ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा में की उच्चस्तरीय बैठक*
[बिलासपुर छत्तीसगढ़] जल शक्ति मंत्रालय, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग तथा राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), भारत सरकार से संस्तुति प्राप्त संस्था जीवनधारा नमामि गंगे के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा 22 से 25 अक्टूबर 2026 को निर्धारित प्रशासनिक कार्ययोजना एवं कार्यक्रम के तहत बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों का दौरा किया गया। इस दौरान जिला कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं श्री जन्मेजय महोबे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें संपन्न हुईं। प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख एवं संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महानिदेशक डॉ. हरि ओम शर्मा ने जल शक्ति मंत्रालय, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के संदर्भ में विस्तृत चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ की प्रमुख नदियों के संरक्षण, संवर्धन एवं समग्र विकास से जुड़े विषयों पर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया। बैठक में महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती, हसदेव, अरपा, नर्मदा, खारून, रिहंद, लीलागर, शबरी, मनियारी, पैरी, सोंढूर, मांड, केलो (रायगढ़ की जीवनरेखा), कोटरी, डंकनी एवं शंखनी सहित अन्य नदियों की अविरलता, निर्मलता एवं संरक्षण के साथ वेटलैंड, नदी एवं बांध सुरक्षा तथा प्राकृतिक आपदाओं से बचाव संबंधी प्रशासनिक कार्य-योजनाओं में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त नदियों के बेसिन क्षेत्रों में जल परियोजनाओं एवं नौवहन परियोजनाओं की संभावनाओं का अध्ययन एवं विश्लेषण, नदी तटीय ग्रामों के समग्र विकास तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)-2 के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्टों के वैज्ञानिक निस्तारण एवं प्रबंधन पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
                    बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य अर्थ गंगा मिशन के अंतर्गत जीवनधारा मॉडल को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन एवं विश्लेषण करना रहा। इसके माध्यम से जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन, पर्यावरण संवर्धन, स्वच्छता, स्थानीय जन भागीदारी तथा आजीविका के अवसरों को एकीकृत रूप से विकसित करने की कार्ययोजना पर बल दिया गया। जिलाधिकारी से चर्चा के दौरान जिला बिलासपुर के दर्रीघाट एवं जांजगीर-चांपा के पिथमपुर को आदर्श ग्राम के रूप में स्थापित करने की प्रशासन द्वारा सहमति बनी। बिलासपुर जिला के रतनपुर महामाया और सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट आदि। जांजगीर-चांपा के कुदरी बैराज , हनुमान धारा, पीथमपुर बाबा कलेश्वरनाथ मंदिर, सिवरेज ट्रिटमेंट प्लांट, शिवनारायण में शबरी धाम मंदिर, महानदी गंगा आरती , खरौद के लक्ष्मणेश्वर महादेव के रख -रखाव और व्यवस्था का अवलोकन के साथ आवश्यक निर्देश के साथ प्रशासनिक स्तर पर चर्चा हुई।
               इस महत्वपूर्ण अभियान एवं कार्ययोजना में मंत्रालय/NMCG से नामित प्रतिनिधिमंडल के डॉ. हरि ओम शर्मा, बबीता गिरी एवं डॉ. मीना जैन तथा डॉ. भावना शर्मा सहित छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल, महासचिव उमेश रस्तोगी, डेलिगेशन कोर कमेटी के संयोजक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राम रतन श्रीवास 'राधे राधे' तथा डॉ. शीला शर्मा एवं मनोज पटेल की सहभागिता रही। वहीं संस्था की प्रबंधन समिति से डॉ. सुषमा पांड्या, डॉ. रश्मि सिंह, नीरजा सक्सेना, क्षमा सिंह, गौरी कश्यप, पद्मजा सिन्हा, शांति सोनी, सरिता श्रीवास्तव, सागर शर्मा, रिजवाना प्रवीन, रईसा बेगम, अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार शर्मा, रजनी पगार, प्रमिला पटेल, प्रीति अग्रवाल, पुष्पा शर्मा, प्रेमलता, चित्रलेखा, रुद्र सोनी, सोनिया सहित अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों का सहयोग एवं सहभागिता रही। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि जिला प्रशासन, संबंधित विभागों, स्थानीय निकायों एवं आम नागरिकों के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ की नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की दिशा में सार्थक पहल होगी। जीवनधारा नमामि गंगे संस्था का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का संरक्षण ही नहीं, बल्कि जल, जंगल, जमीन, वायु एवं समग्र पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ एवं समृद्ध प्राकृतिक विरासत का निर्माण करना है।

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