दुर्गा पूजा पंडाल में विद्युत से जुड़ी आवश्यक सावधानियां बरतें आयोजन समिति : सर्वेश दुबे
दुर्गा पूजा पंडाल में विद्युत से जुड़ी आवश्यक सावधानियां बरतें आयोजन समिति : सर्वेश दुबे
जौनपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर शांति, सुरक्षा और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत विभाग ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र, सिंगरामऊ के अवर अभियंता सर्वेश कुमार दुबे ने दुर्गा पंडालों में बिजली सुरक्षा को लेकर एक जरूरी गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने पूजा समितियों से विशेष अनुरोध किया है कि नवरात्रि के दौरान पंडालों में अत्यधिक भीड़-भाड़ को देखते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और दुर्गा पूजा का यह पावन महाउत्सव पूरी तरह से सुरक्षित और सफल रहे। विद्युत विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी स्थिति में दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना एच०टी० (हाई टेंशन) या एल०टी० (लो टेंशन) लाइन के तारों के नीचे न की जाए। इसके साथ ही, पंडालों को विद्युत परिवर्तक (ट्रांसफार्मर) अथवा बिजली के पोल के नजदीक स्थापित करने की सख्त मनाही है। अवर अभियंता ने स्पष्ट किया है कि पंडाल के भीतर वायरिंग और सजावट का काम केवल अनुभवी एवं लाइसेंस प्राप्त ठेकेदार से ही कराया जाए। विद्युत सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पंडाल में उचित क्षमता का फ्यूज और एम०सी०बी० (MCB) लगवाना अनिवार्य किया गया है। वायरिंग के लिए केवल आईएसआई (ISI) मार्क वाले और सही क्षमता के केबलों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि पंडाल में रखे सभी विद्युत उपकरणों की अर्थिंग सुनिश्चित की जाए। सजावट के लिए इस्तेमाल होने वाले बिजली के तार कहीं से भी कटे-फटे या खुले नहीं होने चाहिए और सभी जॉइंट्स पर अच्छी क्वालिटी का इंसुलेशन टेप जरूर लगा हो। एक बेहद महत्वपूर्ण निर्देश में कहा गया है कि कोई भी विद्युत केबल पंडाल में लगे लोहे के पाइप से सीधी न छुए, बल्कि पाइप और केबल के बीच कुचालक (इंसुलेटर) या सूखी लकड़ी का अनिवार्य रूप से प्रयोग किया जाए। इसके अतिरिक्त, पंडालों में अत्यधिक गर्मी और शॉर्ट सर्किट के खतरे को कम करने के लिए यथासंभव हैलोजन लाइट के उपयोग से बचने और उनकी जगह एलईडी (LED) बल्बों का इस्तेमाल करने की अपील की गई है। बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों पर सख्त रुख अपनाते हुए अवर अभियंता सर्वेश दुबे ने कहा है कि पंडाल में सजावट या प्रकाश के लिए कटिया (अवैध हुकिंग) लगाकर विद्युत का प्रयोग बिल्कुल न करें। इसके लिए समितियों को नियमानुसार विद्युत विभाग में आवेदन करके अस्थाई विद्युत संयोजन (अस्थायी कनेक्शन) अवश्य प्राप्त कर लेना चाहिए। विभाग ने पूजा समितियों को सतर्क करते हुए कहा है कि जिस विद्युत उपकेंद्र से पंडाल को बिजली की आपूर्ति हो रही है, वहां के कंट्रोल रूम, अवर अभियंता (JE) और उपखंड अधिकारी (SDO) का मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से अपने पास डायरी या बोर्ड पर नोट करके रखें, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति या आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनसे संपर्क कर सहायता ली जा सके।
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