-------एक ठू अवधी ग़ज़ल----

-------एक ठू अवधी ग़ज़ल----
का बताई का हाल बा भैइया।। 
जिउ क हमरे जवाल बा भैइया।। 

अपने अपने में सब मगन बाटेन-
सबके सबसे मलाल बा भैइया।। 

कूआंं पोखर तलाब सूखी गयेन-
पानी चलिग पताल बा भैइया।। 

आगि बरसत बा पियासी धरती-
गरमी अबकी कमाल बा भैइया।।

 भार बढ़िया मोरे कपारे  का-
हाल अब त बेहाल बा भैइया।। 

अपने अपने मने क मालिक सब-
ताल सब क बेताल बा भैइया।।

जोर कवनउ गिरीश नाही बा--
का बताई का हाल बा भैइया।।

Comments

Popular posts from this blog

हिन्दी प्रवक्ता पद का कार्यभार ग्रहण किया

शिक्षा द्वारा हजारों बच्चों की जिंदगी बनाने वाली राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाध्यापिका सुश्री ललीता गुलाटी का दु:खद निधन

सिटी इंटरनेशनल स्कूल की छात्राओं ने किया विद्यालय का नाम रोशन