मनपा की 'आदर्श शिक्षिका' विद्या नरेंद्र सिंह का सेवा संपूर्ति समारोह संपन्न
मनपा की 'आदर्श शिक्षिका' विद्या नरेंद्र सिंह का सेवा संपूर्ति समारोह संपन्न
मुंबई:भांडुप( पश्चिम) स्थित आलीशान एशियन बैंकेट हॉल में बृहन्मुंबई महानगर पालिका पवई तीरंदाज विलेज विद्यालय में अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए पहचानी जानेवाली 'आदर्श शिक्षिका' विद्या नरेंद्र सिंह का सेवा संपूर्ति समारोह संपन्न हुआ। इस क्षण के साक्षी बनने के लिए शिक्षा, समाजसेवा, साहित्य और राजनीति जगत के कई दिग्गज हस्तियां एक मंच पर एकत्रित हुईं। समारोह का आयोजन एडवोकेट राहुल नरेंद्र सिंह द्वारा किया गया।समारोह को वरिष्ठ विधि विशेषज्ञ एडवोकेट सुभाष श्यामनारायण यादव का कुशल मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।समारोह की गरिमा को बढ़ाते हुए डॉ शीला अखिलेश यादव और अमेरिका से विशेष रूप से पधारीं सत्कारमूर्ति की सुपुत्री डॉ.प्रियंका ने प्रस्तुत की,जिन्होंने विद्या जी के जीवन संघर्ष और शैक्षणिक यात्रा पर प्रकाश डाला।हिंदी विद्या प्रचार समिति के अध्यक्ष सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् डॉ.राजेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में अतिथियों में महाराष्ट्र राज्य के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह,वरिष्ठ संपादक ब्रजमोहन पाण्डे, नगरसेवक चंदन शर्मा, राजनाथ यादव, यादव संघ मुंबई के अध्यक्ष अजय यादव, पूर्व प्रधानाचार्य रामधनी यादव,बीएमसी शिक्षण विभाग के पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, भारत सरकार हिंदी सलाहकार समिति सदस्य, अध्यक्ष हिंदी भाषा समिति बालभारती महाराष्ट्र सरकार शिक्षाविद् रामहित यादव, पूर्व उप शिक्षणाधिकारी जयश्री यादव, चंद्रकेश आय. सिंह,पूर्व प्रशासनिक अधिकारी राजकुमारी गिरी, प्रिंसिपल रमेश रामदेव सिंह, जयंत निशाने, रेनू जयंत निशाने, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पुष्पा दुबे, पूर्णिमा पांडे , रेयान सिंह, डॉ.वेदांत अखिलेश यादव,डॉ संस्कृति सुभाष यादव उपस्थित थीं। संचालन डॉ त्रिलोकीनाथ मिश्रा, शरद सिंह एवं अवधेश गिरी ने किया।आभार वरिष्ठ शिक्षिका प्रतिमा सुभाष यादव एवं मंजू राहुल सिंह ने संयुक्त रूप से व्यक्त किया। सेवा संपूर्ति समारोह के इस गौरवशाली उत्सव में जहाँ एक तरफ विद्या जी की सफल सेवा संपूर्ति की खुशी थी,वहीं दूसरी तरफ मुंबई के सुप्रसिद्ध मंच संचालक, प्रखर राजनेता ,अधिवक्ता एवं विद्या जी के जीवन साथी स्मृति शेष नरेंद्र सिंह की कमी हर आंख में तैर गई।मंच से लेकर दीर्घा तक उपस्थित हर शख्स ने उनकी कमी को गहराई से महसूस किया और सिंह साहेब को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।वहीं अस्वस्थता की वजह से विद्या जी की माताजी गुलाबी देवी श्यामनारायण यादव के समारोह स्थल पर न पहुँच सकीं। समारोह समाप्त होते ही विद्या जी ने उनके पास जाकर आशीर्वाद लिया। ज्ञान की अविरल गंगा बहाने वाली इस आदर्श शिक्षिका' का यह अभिनंदन समारोह मुंबई के शैक्षणिक जगत में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।विद्या जी की विनम्रता की जमकर प्रशंसा हुई। मुंबई यादव संघ के अध्यक्ष ,भांडुप मुंबई से नगरसेवक और आजमगढ़ गोपालपुर से विधायक रहे स्मृति शेष श्यामनारायण यादव की विद्या सुपुत्री हैं। निकट भविष्य में विद्या जी के भाई एड. सुभाष श्यामनारायण यादव को गोपालपुर विधानसभा के विधायक के रूप में हम देखेंगे।
समारोह में मुख्याध्यापक शशिरंजन मिश्रा,भरत सर, वंदना यादव, पंकज पाटिल,अंजली चव्हाण, सारिका पुरकर,भारती शुक्ला, माधुरी सिंह, राजेश तिवारी, संतोष यादव, संध्या मिश्रा,अजीत तातले,कन्हैयालाल तिवारी, आनंद दूबे, सुनीता सिंह, मंजू मौर्या, अर्चना सिंह, दिप्ती यादव, मलकवा बोमिडी, युसूफ सर, सत्तार सर, फरत मैडम, ओ. पी. सिंह , संतोष सिंह , दिनेश सिंह ,के. के. सिंह ,प्रभाकर शुक्ला, रेखा चौबे, ,चंद्रबली गिरी, शिक्षाविद् जीत नारायण मिश्रा, बृजेश उपाध्याय ,दिलीप राय ,इंद्रलाल यादव,विभाग निरीक्षक साजिद सर ,विनोद पासी, महेंद्र यादव ,उमेश सिंह, मीरा शर्मा, पुष्पा भट्ट ,अनीता गुप्ता , श्रीनिवास सर ,शुभदा तांबे, भिखन देवरे,प्रिंसिपल रमेश सिंह , मीना मिश्रा, रायसाहब सिंह राज प्रजापति, अरविंद गुप्ता ,दीना यादव ,प्रदीप जीता यादव ,कोमल टेंभरे , सुनीता गिरी, सभाजीत गिरी, पुरूषोत्तम यादव ,संध्या सिंह ,आशिष, दुर्गेश सिंह, मुकेश सिंह, विनीता सिंह , सुशीला सिंह , विमलावती पांडेय , ममता पाठक, सुधा मिश्रा ,माया तिवारी, सुरेखा तिवारी ,स्वीटी, सुमन सिंह , वीभा सिंह , मेश्राम सर, दिवाकर तिवारी,ओम प्रकाश गुप्ता, ओम प्रकाश तिवारी , लल्लन सिंह ,सुमनलता सिंह, कविता सिंह , ज्ञानेंद्र मिश्रा, अनील कुमार पाल, मीना मिश्रा, रेशमा यादव, भानू यादव, विजय सिंह, नलिनी मेहता सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे। समारोह मे' गायिका संध्या मिश्रा के संगीत ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सभी गणमान्यों ने विद्या जी के सुखद एवं दीर्घायु होने की कामना की है। विद्या जी ने तीन दशक तक हजारों बच्चों का शिक्षा के माध्यम से जीवन बनाया है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा जब स्कूल ड्रेस और जुते नहीं दिये जाते थे उस दौरान उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर छात्र जिनके पास स्कूल ड्रेस नहीं होता था और पैरों मे' चप्पल नहीं होता था उन्हें वह खरीदकर दिया। आज के जमाने की वह सबसे बेस्ट टीचर इसीलिए मानी जाती हैं। वह बच्चों को बहुत ही स्नेह देती रही हैं।
Comments
Post a Comment