जो है उससे काम चलाओ। अपने मन में खुशी मनाओ।।

जो है उससे काम चलाओ।
 अपने मन में खुशी मनाओ।।
 भूत प्रेत सब नाच रहे हैं।
 उनसे अपनी जान बचाओ ।।

यहां लोभ ने किया तमाशा।
 सोचो समझो ज्ञान बढ़ाओ ।।

अपनी सीमा रेखा समझो ।
और सुरक्षित लक्ष्य बनाओ ।।

कोशिश करना धर्म मानकर ।
धीरे-धीरे कदम बढ़ाओ।।

 ज्ञान बढ़ेगा सब कुछ होगा।
 यही सत्य सबको समझाओ ।।

 आंख खोल कर बाहर देखो ।
मौसम को तुम पढ़ते जाओ।।

 अपनी खुद की नाड़ी पकड़ो ।
रोग कहां है पता लगाओ।।

 जो भी रोड़ा बिछा रहे हैं। 
मौन पाठ कर उन्हें हटाओ।।

 अपने भीतर के विवेक को ।
सोच समझ कर स्वयं जगाओ ।।

जहां ज्ञान है वहां पहुंचकर ।
सारी चिंता दूर भगाओ।।

  शांति हमारा परम लक्ष्य है।
 यही बात मन में बैठाओ।।

 आए हो तो नाम कमाकर ।
छोटा सा इतिहास बनाओ ।।

 जो है उससे काम चलाओ ।
अपने मन में खुशी मनाओ ।।

अन्वेषी 26 9 24

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