राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ के तत्वावधान में आयोजित हुआ व्याख्यान "वजन पर नियंत्रण और गलतफहमियां"

वजन नियंत्रण और गलतफहमियां पर हुआ व्याख्यान 
मुंबई 
साहित्यिक,सांस्कृतिक,सामाजिक  संस्था राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ के पटल पर रविवार 07 फरवरी 2021 को व्याख्यान की श्रृंखला में विषय "वजन नियंत्रण और गलतफहमियां" पर वक्तव्य देने के लिए मेहमान  परम् आदरणीय डॉ विमल चंद्रा महापात्र उपस्थित थे।डॉ बिमल चन्द्र महापात्र उड़ीसा प्रदेश की राजधानी, भुवनेश्वर से आते हैं।भुवनेश्वर को मंदिरों का शहर भी कहा जाता है।यहाँ लगभग 700 मंदिर मिल सकते हैं। भुवनेश्वर का नाम भगवान शिव के संस्कृत नाम त्रिभुवनेश्वर से आया है। जिसका अर्थ है तीनों लोकों का भगवान। यहाँ का ऐतिहासिक लिंग राम मंदिर का निर्माण ययाति केशरी ने 11वीं शताब्दी में करवाया था। दया नदी के किनारे धौल गिरी शांति स्तूप सम्राट अशोक के कलिंग युद्ध का सबसे प्रसिद्ध स्तूप है।डाॅक्टर साहेब की शैक्षणिक योग्यता  विज्ञान संकाय के विद्यार्थी के रूप में औषधीय एवं शल्य चिकित्सक की है।व्यावसायिक दृष्टिकोण से आप भारत सरकारके स्वास्थ्य मंत्रालय से अतिरिक्त उप महानिदेशक पद से सेवा निवृत्त हुए हैं। साहित्यिक उप्लब्धियों पर नजर डालें तो आपकी एक किताब भारत सरकार  सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन अनुभाग द्वारा प्रकाशित है।जिसका  नाम  क्यूएस्ट फार गुड हेल्थ है।विशेष रूप से आप उड़िया समाचार पत्र में स्वास्थ्य स्तम्भ लेखन करते हैं। साथ ही यदा कदा शौकिया तौर पर उड़िया भाषा में कविता लेखन भी करते हैं । इससे साहित्य सेवा के प्रति  अभिरुचि भी परिलक्षित होती है ।   
आदरणीय डॉ साहेब के साथ वार्ताकार संस्था के सक्रिय एवं समर्पित निष्ठावान सदस्य आद० प्रसन्न कटारिया आप स्वयं एक कवि समाजसेवी एवं एक अच्छे मंच संचालक हैं। 
संचालन करते हुए कटारिया जी ने स्वास्थ्य संबंधी अद्भुत प्रश्नों को पटल पर रखा।उपस्थित वक्ता ने वजन को नियंत्रित रखने एवं स्वास्थ्य उत्तम रखने हेतु बहुत से घरेलू उपायों को रखा और खान-पान में संयम रखने हेतु बताया।स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने बताया कि मनुष्य का वजन बढ़ जाता है तो भन में गलतफहमियां न पाले कि मोटापा कोई भयानक बिमारी अथवा खूब खाते हैं इसलिए शरीर का वजन बढ़ रहा है।ऐसा कदापि ना समझें,अपने स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहें और नियम-संयम का पालन करते रहें, आप हमेशा मस्त रहेंगे।
 अंत में कटारिया जी ने उपस्थित मेहमान और पटल से जुड़े श्रोता,  जिन्होंने अपना अमूल्य समय उक्त व्याख्यान को सुनने में दिया सभी का आभार व्यक्त किया।
उक्त व्याख्यान का संयोजन राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ" के संस्थापक रामस्वरूप प्रीतम(श्रावस्ती),अध्यक्ष अनिल कुमार राही (मुंबई),संयोजक संजय द्विवेदी (कल्याण- महाराष्ट्र),सचिव धीरेन्द्र वर्मा धीर(लखीमपुर खीरी), संरक्षक दिवाकर चंद्र त्रिपाठी "रसिक" (छत्तीसगढ़) एवं मीडिया प्रभारी विनय शर्मा "दीप" (ठाणे-महाराष्ट्र),उपाध्यक्ष सत्यदेव विजय (मुंबई),कोषाध्यक्ष प्रमिला किरण के सहयोग से संपन्न हुआ।व्याख्यान उपरांत उपस्थित साहित्यकार का सम्मान संस्था द्वारा सम्मान-पत्र देकर किया गया।

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