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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले विधायक रमेश चंद्र मिश्रा

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले विधायक रमेश चंद्र मिश्रा लखनऊ । बदलापुर विधानसभा के लोकप्रिय विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने आज मुख्यमंत्री आवास पांच कालीदास मार्ग लखनऊ पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार मुलाकात किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से बदलापुर महोत्सव में आयोजित होने वाले 1100 कन्याओं के "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह" एवं विधानसभा बदलापुर में जनकल्याणकारी विकास परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करने का एवं बदलापुर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित अति महत्वपूर्ण कार्यों को जल्द स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया।

श्री भगवतलीला धर्म मंडल, मछलीगांव द्वारा आयोजित भव्य रामलीला संपन्न

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श्री भगवतलीला धर्म मंडल, मछलीगांव द्वारा आयोजित भव्य रामलीला संपन्न जौनपुर। श्री भगवतलीला धर्म मंडल, नेवादा मुरीदपुर (मछलीगांव) द्वारा आयोजित सुंदरवन मंच के अंतर्गत आयोजित रामलीला का समापन कल लंका दहन के साथ संपन्न हो गया। 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक आयोजित रामलीला में प्रतिदिन भारी संख्या में दर्शकों ने रामलीला का आनंद लिया। स्व.पंडित बब्बन दुबे की प्रेरणा से आयोजित होने वाली रामलीला का यह 19वां वर्ष रहा। यहां का रामलीला मंच अत्यंत भव्य बनाया गया है। कलाकारों की उत्कृष्ट पोशाक और आधुनिक संसाधनों के उपयोग के चलते यहां की रामलीला का विशेष महत्व है। सभी कलाकार सुशिक्षित और अच्छे परिवारों से जुड़े हुए हैं। कल आखिरी दिन रामलीला में पहुंचने वाले प्रमुख लोगों में पूर्व प्रधानाचार्य अनिल दुबे, मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, ग्राम टुडे के संपादक डॉ सुभाष चंद्र पांडे, भाजपा मंडल अध्यक्ष सनी शुक्ला, श्री आर एस दुबे सेंट्रल एकेडमी स्कूल, तिलवारी के प्रबंधक आचार्य सुभाष दुबे, श्रवण तिवारी बड़े बाबू, युवा समाजसेवी दीपक मिश्रा आदि का समावेश रहा। आयोजन समिति की तरफ से ...

श्री भगवतलीला धर्म मंडल, मछलीगांव द्वारा आयोजित भव्य रामलीला संपन्न

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श्री भगवतलीला धर्म मंडल, मछलीगांव द्वारा आयोजित भव्य रामलीला संपन्न जौनपुर। श्री भगवतलीला धर्म मंडल, नेवादा मुरीदपुर (मछलीगांव) द्वारा आयोजित सुंदरवन मंच के अंतर्गत आयोजित रामलीला का समापन कल लंका दहन के साथ संपन्न हो गया। 22 अक्टूबर से 27 अक्टूबर तक आयोजित रामलीला में प्रतिदिन भारी संख्या में दर्शकों ने रामलीला का आनंद लिया। स्व.पंडित बब्बन दुबे की प्रेरणा से आयोजित होने वाली रामलीला का यह 19वां वर्ष रहा। यहां का रामलीला मंच अत्यंत भव्य बनाया गया है। कलाकारों की उत्कृष्ट पोशाक और आधुनिक संसाधनों के उपयोग के चलते यहां की रामलीला का विशेष महत्व है। सभी कलाकार सुशिक्षित और अच्छे परिवारों से जुड़े हुए हैं। कल आखिरी दिन रामलीला में पहुंचने वाले प्रमुख लोगों में पूर्व प्रधानाचार्य अनिल दुबे, मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, ग्राम टुडे के संपादक डॉ सुभाष चंद्र पांडे, भाजपा मंडल अध्यक्ष सनी शुक्ला, श्री आर एस दुबे सेंट्रल एकेडमी स्कूल, तिलवारी के प्रबंधक आचार्य सुभाष दुबे, श्रवण तिवारी बड़े बाबू, युवा समाजसेवी दीपक मिश्रा आदि का समावेश रहा। आयोजन समिति की तरफ से ...

पिता के वचन की मर्यादा के लिए श्रीराम ने त्यागे राजमहल के सुख : आचार्य शांतनु जी महाराज

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पिता के वचन की मर्यादा के लिए श्रीराम ने त्यागे राजमहल के सुख : आचार्य शांतनु जी महाराज जौनपुर। बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के सप्तम दिवस कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन और राजा दशरथ जी के महाप्रयाण का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जी के त्याग तथा पिता के वचन के प्रति समर्पण के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा और रघुकुल की मर्यादा की रक्षा के लिए राजमहल के सुखों का त्याग किया। माता सीता और लक्ष्मण जी का वनगमन प्रेम, त्याग और समर्पण की अनुपम मिसाल है। वहीं, श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ जी के महाप्रयाण का प्रसंग सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। कथा के माध्यम से महाराज जी ने परिवार में संस्कार, माता-पिता के सम्मान और कर्तव्यपालन का संदेश दिया। कथा का विशेष आकर्षण जनपद के प्रमुख देवस्थानों के महंतों, पीठाधीश्वरों एवं पुरोहितों का मंच से सम्मान रहा। मुख्य आयोजक ज्ञ...

" किसे चुनूं "(कविता)-- डाॅ. अनिल 'आबशार'

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" किसे चुनूं "(कविता) -- डाॅ. अनिल 'आबशार' त्रेता के बाद द्वापर,कलियुग इसके बाद आता है. एक क्रमबद्ध यात्रा है काल की या यूं कहें एक ही जगह ठहरे हुए अनादि और अनंत काल की अकल्पनीय विशालता में दौड़ता भागता छिपता उभरता उछलता कूदता फिर हांफता थकता यात्रा करता है जीवन। जीवन चलता है रूप बदलता है नए नए रंगों में ढलता है साथ साथ बदलते हैं मान्यताएं,मूल्य,नैतिकता और आदर्श भी। पिता के आदेश को बिना किसी विचार के, हित अहित,पक्ष प्रतिपक्ष को सोचे पालन करना- तत्क्षण, धीरे धीरे बदल कर तथाकथित दुःखनाश की ओट में साधन पथ अपनाकर त्याग देना जरा जीर्ण पिता की चाहतों आशाओं को ठोकर मार कर निकल जाना बन जाती हैं। जहां राजसत्ता छोड़ी ही नहीं जाती अयोध्या में बाँटी भी जाती है किष्किंधा और लंका में। एक व्यक्तित्व जिसकी शीतल छाया में बंदर भी शिल्प तकनीक सीखते हैं उद्यम करते हैं। नारी सम्मान के लिए युगों युगों की उपेक्षा को लात मार देना या सर्वस्व दांव पर लगा देना भाई के प्राण भी। लोक मंगल की सद्वृत्तियां जहां अस्थियों की ढेर बनी पड़ी हों उनकी वैरी कुवृत्तियों के सर्वनाश का संकल्प। व...

साहित्यकार भगवानदास मोरवाल को एक लाख रुपए के ‘ज्ञानाब्धि राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित हुए

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साहित्यकार भगवानदास मोरवाल को एक लाख रुपए के ‘ज्ञानाब्धि राष्ट्रीय पुरस्कार’ से सम्मानित हुए  गुजरात। शरदपूर्णिमा के पावन अवसर पर चापड़ , वडोदरा स्थित मेडिटेशन आश्रम में गुरुमैया डॉ. हरेश्वरीदेवी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में हिन्दी के प्रतिष्ठित साहित्यकार भगवानदास मोरवाल तथा गुजराती के सुविख्यात कवि डॉ. माधव रामानुज को ‘ज्ञानाब्धि राष्ट्रीय पुरस्कार’ से विभूषित किया गया। इस अवसर पर दोनों साहित्यकारों को गुरुमैया डॉ. हरेश्वरीदेवी के वरदहस्त से कुमकुम तिलक, श्रीफल, एक लाख रुपए का चेक, भव्य सम्मान-फलक, पुष्पगुच्छ और शाल प्रदान कर उनका भावपूर्ण अभिनंदन किया गया। गुरुमैया डॉ. हरेश्वरीदेवी की अध्यक्षता समारोह में राजपीपला स्थित बिरसा मुंडा ट्राइबल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. मधुकर एस. पाडवी, महाराजा सैयाजीराव विश्वविद्यालय, वडोदरा के हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. कल्पना गवली, अंजार आश्रम के संचालक महंत डाह्यालालजी, अधिवक्ता सोहिल गोडिया तथा जयरामभाई विशिष्ट अतिथियों के रूप में मंचासीन रहे। कवि गिरिराज ब्रह्मभट्ट ‘सरल’ ने संस्था की विविध सेवाभावी गतिविधियों...

जौनपुर में श्री राम कथा का छठा दिन, श्रीराम वन गमन और केवट संवाद का मार्मिक वर्णन

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जौनपुर में श्री राम कथा का छठा दिन, श्रीराम वन गमन और केवट संवाद का मार्मिक वर्णन  जौनपुर। नगर के बीआरपी इंटर कॉलेज मैदान में वोभाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के छठवें दिन कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज ने अयोध्याकांड, श्रीराम वनगमन, केवट संवाद और उर्मिला के त्याग सहित कई प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के वनगमन और केवट संवाद के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने निषाद समाज के लालजी निषाद का मंच पर सम्मानित किया। आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि थोड़ा सा सत्संग मिल जाए तो जीवन धन्य हो जाता है, जबकि एक क्षण का कुसंग जीवन को नरक की ओर ले जा सकता है। सत्संग मनुष्य को अच्छे मार्ग पर ले जाता है, वहीं कुसंग उसे पतन की ओर धकेलता है। उन्होंने मंथरा और कैकेयी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि मंथरा पर कुसंग का प्रभाव था। उसने कैकेयी की बुद्धि को प्रभावित कर उनके मन में कौशल्या के प्रति संदेह पैदा किया। मंथरा ने कैकेयी से कहा कि भरत ननिहाल ...