अवधेश विश्वकर्मा 'नमन' द्वारा रचित पहली पुस्तक "मेरी अभिलाषा मेरा मन"का हुआ शानदार लोकार्पण
अवधेश विश्वकर्मा 'नमन' द्वारा रचित पहली पुस्तक "मेरी अभिलाषा मेरा मन"का हुआ शानदार लोकार्पण
आकार म्यूजिक,और विभावरी काव्य धारा तथा स्वर संगम फाऊंडेशन के तत्वावधान में कल तारीख 13 सितंबर, 2026 ,हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर ,कवि ,नाटककार, संगीतकार अवधेश विश्वकर्मा 'नमन'की प्रथम पुस्तक मेरी अभिलाषा मेरा मन' का लोकार्पण, मुंबई के मीरा रोड में प्रसिद्ध साहित्यिक मंच विरूंगला केंद्र में,बड़े धूमधाम से सम्पन्न हुआ।"मेरी अभिलाषा मेरा मन " (नीलम पब्लिकेशन के द्वारा प्रकाशित) पुस्तक लोकार्पण में, महानगर के तमाम प्रसिद्ध कवि साहित्यकार उपस्थित थे।
पुस्तक लोकार्पण के कार्यक्रम, आदरणीय हौशिला अन्वेषी जी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। मुख्य वक्ताओं में हृदयेश मयंक, हरिप्रसाद राय, शैलेश सिंह, तथा राकेश शर्मा ने "मेरी अभिलाषा मेरा मन "पर अपने वक्तव्य दिये। मुख्य अतिथि के रुप में हुबनाथ पांडेय जी ने पुस्तक मेरी अभिलाषा मेरा मन" पुस्तक पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा! अवधेश विश्वकर्मा 'नमन' आप अपने गीतों और ग़ज़लों को विरूंगला केंद्र में संगीत मय प्रस्तुति तो दें ही ,साथ ही इन गीतों और ग़ज़लों से संगीत बद्ध करके समाज में ले जायें, आपकी रचनाएं बहुत प्रसिद्ध होंगी।विशिष्ट अतिथि श्री आर एस विकल,ने मेरी अभिलाषा मेरा मन की रचानाओं में समाज के विघटनकारी तत्वों पर की गई टिप्पणियों पर ध्यान केंद्रित किया।अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर जनाब शमीम अब्बास जी ने पुस्तक मेरी अभिलाषा मेरा मन के लेखक अवधेश विश्वकर्मा 'नमन' जी को मुबारकबाद दी।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र के कार्यक्रम कवि सम्मेलन में ,जनाब शमीम अब्बास जी ने कवि सम्मेलन की अध्यक्षता की,और अपनी ग़ज़लों से महफ़िल में समां बांधा दिया।कवि सम्मेलन में, श्री अमित दुबे के बेहतरीन संचालन में,लगभग साठ कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ किया जो,एक रिकार्ड रहा। पुस्तक लोकार्पण में इतने कवियों का उपस्थित होना और सभी का रचना पाठ करना,सबसे महत्वपूर्ण पक्ष रहा। कवियों में एन बी सिंह नादान, अनिल राही, प्रमोद पल्लवित,विनय शर्मा दीप, आनंद पाण्डेय केवल, त्रिलोचन अरोरा,रहबर, अंजनी कुमार द्विवेदी, लालबहादुर यादव,श्रीधर मिश्र, राजीव मिश्रा,अरूण दुबे,अनिल गौड़, कल्पेश यादव,नीतू पांडेय क्रांति, लक्ष्मी यादव,कुसुम तिवारी, लक्ष्मी कांत नयन, वीरेंद्र यादव, जमदग्नि पुरी, दिनेश बैसवारी,ओम प्रकाश तिवारी,, नन्दन मिश्रा, शेखर तिवारी,डा दिनेश कुमार वर्मा, दिनेश वर्मा, रामसिंह,विजय कुलकर्णी,रामजी कनौजिया,राम व्यास उपाध्याय, भूपेंद्र मिश्र, रामदत्त तिवारी,सुनीता गुप्ता, आनंद शंकर, राजेश कुमार सिंह,पुलक चक्रवर्ती,राहुल पी,विजय नाथ मिश्र,वीर बहादुर यादव,इत्यादि ने काव्य पाठ किया।
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