जन्मदिवस पर पौधरोपण और साक्षरता दिवस पर ‘अथर्वन पाठशाला’ नीति पहल।
जन्मदिवस पर पौधरोपण और साक्षरता दिवस पर ‘अथर्वन पाठशाला’ नीति पहल।
प्रयागराज, 8 सितंबर। अथर्वन फाउंडेशन द्वारा आज डॉ. तेजस, डॉ. अर्चना मिश्रा एवं डॉ. अलका श्रीवास्तव के जन्मदिवस को प्रकृति एवं समाजसेवा के प्रति समर्पित करते हुए अमलतास, आम एवं हरिशंकरी का पौधरोपण किया गया। हरिशंकरी में बरगद, पीपल एवं पाकड़ तीनों वृक्षों का रोपण एक साथ किया जाता है, जिन्हें सनातन परंपरा में ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश का प्रतीक माना जाता है। यह त्रिवेणी सृजन, पालन और परिवर्तन के शाश्वत संदेश के साथ प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
फाउंडेशन ने इस अवसर पर यह संकल्प भी लिया कि अब जन्मदिवस एवं अन्य विशेष अवसरों को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि पौधरोपण और समाजसेवा से जोड़कर मनाने की परंपरा विकसित की जाएगी। साथ ही अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर फाउंडेशन ने ‘अथर्वन पाठशाला’ के अंतर्गत एक नई पहल का शुभारंभ किया , जिसके अंतर्गत सड़क किनारे एवं झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित कर विद्यालय से जोड़ने तथा आवश्यकता के अनुसार आर्थिक एवं अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा। फाउंडेशन का उद्देश्य है कि कोई बच्चा केवल आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
कार्यक्रम में सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव एवं शैलेंद्र सिंह, डॉ उपमा नारायण मेंटर, एडवोकेट अंकित पाठक, एडवोकेट धर्मेंद्र, अनुपमा, मीरा एवं अर्चना गुप्ता, डॉ पवन कुमार मिश्रा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। हेमंत कुमार ने परित्यक्त मकान से लगभग 10 फीट ऊंचे बरगद को सुरक्षित रूप से पुनर्स्थापित कर विशेष योगदान दिया।
अथर्वन फाउंडेशन का संदेश है— “एक पौधा धरती को जीवन देता है और एक शिक्षित बच्चा समाज के भविष्य को दिशा देता है।”
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