परशुरामपुर के शिवाला मंदिर के गणेशोत्सव में गूंजा भाईचारे का संदेश
परशुरामपुर के शिवाला मंदिर के गणेशोत्सव में गूंजा भाईचारे का संदेश
जौनपुर। गणेशोत्सव सिर्फ आस्था और भक्ति का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवा का भी अनूठा माध्यम है। इस उक्ति को साकार कर रहा है जौनपुर के परशुरामपुर गांव में शिवाला मंदिर में आयोजित श्री गणेश महोत्सव। पिछले 10 वर्षों से यहां गणेशोत्सव के जरिए सर्वधर्म समभाव और आपसी भाईचारे की शानदार मिसाल पेश की जा रही है। इस मंडल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें हिंदू, मुस्लिम और सभी समुदाय के लोग मिलकर बप्पा की सेवा करते हैं और उत्सव की तैयारियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। मंडल की कमान संस्थापक ब्रह्मानंद पांडेय विजय विश्वकर्मा, रवि जोरिया के हाथ में है, जबकि महोत्सव के पुरोहित ब्रह्मानंद पांडेय हैं।
व्यवस्थापक का दायित्व सरोज गुप्ता, जसवंत बीडीसी, बबलू अरमान संभाल रहे हैं। महोत्सव में विशेष सहयोगी की भूमिका ग्राम प्रधान एड घनश्याम यादव तथा समस्त ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों तथा कार्यकर्ताओं का भरपूर सहयोग मिल रहा है। आयोजन को भव्यता प्रदान करने के लिए बृजेश उपाध्याय (गुड्डू), नितिन उपाध्याय (नीलू), चंदन, धीरज, जितेंद्र, अनुपम, आनंद, आशीष त्रिपाठी, अनिल, संदीप, आशीष, अमित, सचिन, तुषार, राज, आर्यन, डीजे, अंश, यशवंत, यस्सू, नीरज, गोलू, सत्यम, काजू आदि पूरे भक्ति भाव से जुटे हुए हैं। इस वर्ष भजन संध्या आरती का कार्यक्रम दीप शर्मा, नवीन सिन्हा (भइया जी), व प्रतीक उपाध्याय (भोलू ), सुजीत उपाध्याय द्वारा किया गया। इन सभी का मिल-जुलकर काम करना यह मजबूत संदेश देता है कि पूजा-पद्धति और आस्था के रास्ते भले ही अलग हों, लेकिन इंसानियत और भाईचारा सभी को आपस में जोड़ता है। पदाधिकारियों के अनुसार, भारतीय संस्कृति हमेशा से लोगों को जोड़ने और एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनने की सीख देती है. इसलिए समाज के सभी समुदाय के लोग इस उत्सव में शामिल होते हैं। गणेशोत्सव के माध्यम से बप्पा की भक्ति के साथ इंसानियत की सेवा का यह अनूठा प्रयास परशुरामपुर गांव में सामाजिक सौहार्द को और अधिक मजबूत कर रहा है।
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