शिवडी के राजा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘पानी के नीचे की द्वारका’ बनी आकर्षण का केंद्र

शिवडी के राजा के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, ‘पानी के नीचे की द्वारका’ बनी आकर्षण का केंद्र
मुंबई। शिवडी के राजा के 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष के अवसर पर साकार की गई भव्य ‘पानी के नीचे की द्वारका’ झांकी इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भव्य सजावट, अत्याधुनिक तकनीक और पौराणिक वैभव के अनूठे समन्वय से तैयार की गई इस झांकी को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

इसी क्रम में ज्वेल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शाह एवं जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान की उपाध्यक्ष अल्पा संजय शाह ने शिवडी के राजा के दर्शन किए। दोनों ने भगवान गणेश के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन कर मुंबईकरों तथा पूरे महाराष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति के लिए मंगल प्रार्थना की। इस अवसर पर मंडल के प्रमुख मार्गदर्शक विजय इंदुलकर ने 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष को विशेष एवं यादगार बनाने के उद्देश्य से ज्वेल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शाह और जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्थान की उपाध्यक्ष अल्पा संजय शाह का सम्मान किया। दर्शन के पश्चात संजय शाह एवं अल्पा शाह ने ‘पानी के नीचे की द्वारका’ की भव्य झांकी का अवलोकन किया। उन्होंने झांकी की अनूठी संकल्पना, कलात्मक प्रस्तुति, आकर्षक सजावट तथा आधुनिक तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की सराहना की।

“आस्था और आधुनिक तकनीक का सुंदर संगम”
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संजय शाह ने कहा कि, शिवडी के राजा के दर्शन कर मन को अत्यंत आनंद और शांति की अनुभूति हुई। ‘पानी के नीचे की द्वारका’ की भव्य झांकी हमारी समृद्ध पौराणिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ प्रस्तुत करने का सुंदर प्रयास है। इसकी भव्यता और रचनात्मकता श्रद्धालुओं को विशेष अनुभव प्रदान कर रही है। हमने शिवडी के राजा के चरणों में मुंबईकरों और पूरे महाराष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं प्रगति के लिए प्रार्थना की।

अत्याधुनिक तकनीक से साकार हुई दिव्य द्वारका
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प्रसिद्ध आर्ट डायरेक्टर अमन विधाते की संकल्पना से साकार की गई इस भव्य झांकी की लंबाई 130 फीट, चौड़ाई 65 फीट और ऊंचाई 45 फीट है। LED स्क्रीन, होलोग्राम तकनीक, लेजर इफेक्ट्स तथा वातानुकूलित सेट के माध्यम से पौराणिक द्वारका के भव्य एवं आकर्षक स्वरूप को जीवंत रूप दिया गया है।

75वें अमृत महोत्सव को यादगार बनाने का प्रयास
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मंडल के अध्यक्ष श्रीकांत जाधव ने कहा कि शिवडी के राजा के 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष को विशेष एवं यादगार बनाने के उद्देश्य से श्रद्धालुओं के लिए एक अनूठा अनुभव तैयार करने का प्रयास किया गया है। ‘पानी के नीचे की द्वारका’ को श्रद्धालुओं से मिल रहा उत्स्फूर्त प्रतिसाद इस प्रयास की सफलता को दर्शाता है।

मंडल के प्रमुख मार्गदर्शक विजय इंदुलकर ने भी झांकी की संकल्पना, निर्माण और श्रद्धालुओं से मिल रहे उत्साहजनक प्रतिसाद पर संतोष व्यक्त किया।

शिवडी के राजा के 75वें अमृत महोत्सवी वर्ष में ‘पानी के नीचे की द्वारका’ आस्था, कला, तकनीक और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का ऐसा आकर्षक संगम प्रस्तुत कर रही है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव का केंद्र बनी हुई है।

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