गोमती के तटों पर हरित पट्टी और वाटिकाओं के विकास से लौटेगी नदी की प्राकृतिक सुंदरता : गोमती दर्शन
गोमती के तटों पर हरित पट्टी और वाटिकाओं के विकास से लौटेगी नदी की प्राकृतिक सुंदरता : गोमती दर्शन
सीतापुर। माँ गोमती के तटों को हरा-भरा, सुंदर और पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने की दिशा में गोमती दर्शन ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में सीतापुर के प्रभागीय वनाधिकारी श्री नवीन खंडेलवाल जी से गोमती दर्शन के संयोजक अधिवक्ता अनुराग पांडेय एवं अध्यक्ष श्वेता सिंह ने महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में गोमती के तटों पर हरित पट्टी विकसित करने के साथ-साथ बजरंग वाटिका सहित विभिन्न प्रस्तावित वाटिकाओं के विकास को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में तटीय क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधरोपण, स्थानीय प्रजातियों के संरक्षण, नदी के आसपास हरित क्षेत्र बढ़ाने तथा ऐसे स्थलों को विकसित करने पर विचार किया गया, जहाँ पर्यावरण संरक्षण के साथ जनसहभागिता को भी बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर गोमती दर्शन के संयोजक अधिवक्ता अनुराग पांडेय ने कहा, “गोमती को बचाना केवल उसके जल को स्वच्छ करने का विषय नहीं है। नदी के दोनों किनारों की हरियाली, उसके वृक्ष, जैव-विविधता और प्राकृतिक परिवेश भी गोमती के जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। हमारा प्रयास है कि गोमती के तटों पर ऐसी हरित पट्टी और वाटिकाएँ विकसित हों, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की विरासत बनें। जब तटों पर वृक्षों की छाया लौटेगी, तो नदी का सौंदर्य ही नहीं, उसका पारिस्थितिक जीवन भी मजबूत होगा।”
गोमती दर्शन की अध्यक्ष श्वेता सिंह ने कहा, “माँ गोमती के तट हमारे लिए केवल नदी का किनारा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के साथ हमारे रिश्ते की पहचान हैं। इन तटों पर हरियाली लौटाना एक ऐसा संकल्प है, जिसमें पर्यावरण के साथ संवेदना भी जुड़ी है। बजरंग वाटिका और अन्य प्रस्तावित वाटिकाएँ यदि विकसित होती हैं, तो वे केवल पौधों से भरे स्थल नहीं होंगी, बल्कि लोगों और प्रकृति के बीच फिर से आत्मीय संवाद स्थापित करने के केंद्र बनेंगी। गोमती के किनारे जितनी हरियाली बढ़ेगी, उतना ही हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा।”
बैठक के दौरान डीएफओ नवीन खंडेलवाल जी ने गोमती तट के हरित विकास से जुड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए आवश्यक सहयोग एवं संभावनाओं पर चर्चा की। गोमती दर्शन ने तटों के संरक्षण और हरित विकास के लिए वन विभाग के साथ समन्वय से आगे भी कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
श्वेता सिंह
अध्यक्ष गोमती दर्शन
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