कृपाशंकर सिंह समाज की भलाई और देश की सेवा करने वाले नेता : लल्लन तिवारी
कृपाशंकर सिंह समाज की भलाई और देश की सेवा करने वाले नेता : लल्लन तिवारी
कृपाशंकर सिंह अपने काम और वचनों के प्रति पूरी तरह से ईमानदार रहते हैं। जिस काम का उन्होंने बीड़ा उठा लिया, उसे पूरा करके ही दम लेते हैं। कठिन परिस्थिति में भी वह हिम्मत और संयम से काम लेते हैं। यही एक अच्छे नेता का लक्षण है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह के जन्मदिन (31 जुलाई) के संदर्भ में दिए गए साक्षात्कार में देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि कृपाशंकर सिंह ने अपने जीवन में संघर्षों का डटकर मुकाबला किया और यही कारण है कि वह और ताकत के साथ आज खड़े हैं। कृपाशंकर सिंह कालजयी नेता है। कुछ वर्ष पहले उन्होंने जिस तरह से मृत्यु से भी कड़ा मुकाबला किया और विजेता के रूप में बाहर आए वह किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं है।
श्री तिवारी ने कहा कि कृपाशंकर सिंह समाज और देश के भले के लिए काम करने वाले नेता हैं। हर व्यक्ति का सम्मान करते हैं और हरसंभव मदद भी करते हैं। एक बार कोई व्यक्ति उनसे मिल ले तो उन्हें उसका नाम हमेशा याद रहता है। दूसरी बार वह व्यक्ति मिला तो उसे नाम से ही बुलाते हैं। यह गुण बहुत कम लोगों में होता है। कृपाशंकर ने कभी भी जाति-पात की राजनीति नहीं की। यही कारण है कि आपको उनके प्रशंसक सभी जातियों और धर्मों में मिलेंगे।
लल्लन तिवारी ने कहा कि कृपाशंकर के साथ उनका पारिवारिक संबंध हैं। वह उन्हें अपने परिवार का संरक्षक सदस्य मानते हैं। यदि आधी रात को भी उनकी आवश्यकता है तो वह आने में विलंब नहीं करते। ऐसा लगता है कि हमारा और उनका पूर्व जन्म का कोई संबंध है। कृपाशंकर की ऊर्जा और समाज में सक्रियता बेमिसाल है। उम्र के इस पड़ाव में जहां लोग घरों के बाहर निकलना पसंद नहीं करते, वहीं वे महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश तक पूरी तरह से सक्रिय नजर आ रहे हैं। निश्चित रूप से उनकी यह ऊर्जा दैवीय शक्ति का परिचायक है।
लल्लन तिवारी ने कहा कि कृपाशंकर सिंह एक सुलझे और जुझारू नेता है। उनका मानना है कि रात कितनी लंबी क्यों ना हो, सुबह होना ही है। उनका आत्मविश्वास, दूरदर्शिता, पक्का इरादा और अनुशासन दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक है। कृपाशंकर रुकने और थकने वाले नेता नहीं हैं। वह निरंतर चलने वाले नेता हैं। दूसरों को जगाने वाले नेता है और साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। मैं उन्हें इसलिए पसंद करता हूं और अपना आदर्श मानता हूं क्योंकि मैंने उन्हें संघर्षों में भी मुस्कुराते और दूसरों पर प्यार लुटाते देखा है।
लल्लन तिवारी ने कहा कि जीवन में हार जीत का उतना महत्व नहीं है, जितना महत्व गिरकर फिर खड़ा होने और आगे बढ़ने का होता है। हार के बाद भी अपना मनोबल बनाए रखना सच्ची जीत की नींव है। असफलता अंत नहीं, बल्कि सीखने और फिर से उठने का एक नया अवसर होती है। अपने अब तक के राजनीतिक जीवन में कृपाशंकर सिंह तीन बार विधायक और एक बार विधान परिषद सदस्य बनने के साथ-साथ प्रदेश और मुंबई के महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित कर चुके हैं।
लल्लन तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश से रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई आए कृपाशंकर सिंह ने अपनी मेहनत, लगन और कर्तव्यनिष्ठा की ताकत पर राजनीति में जो सम्मानजनक मुकाम हासिल किया, उससे उत्तर भारतीय समाज गौरवान्वित हुआ है।
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