जौनपुर के लोकप्रिय ज़िलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को नम आंखों से दी गई विदाई

जौनपुर के लोकप्रिय ज़िलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र को नम आंखों से दी गई विदाई

जौनपुर। मंगलवार 5 अप्रैल 2026 को सायंकाल कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रेक्षागृह  भावनाओं से भर उठा, जब जनपद के लोकप्रिय निवर्तमान जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र के स्थानांतरण पर अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें गरिमामय विदाई दी। विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन के पद पर नई जिम्मेदारी संभालने जा रहे डॉ. दिनेश चंद्र को पुष्पगुच्छ, स्मृति-चिह्न और उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।

विदाई समारोह में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. दिनेश चंद्र का कार्यकाल जौनपुर के प्रशासनिक इतिहास में जनसरोकार, संवेदनशीलता और पारदर्शी कार्यशैली के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण से लेकर नियमित जनसुनवाई के माध्यम से आमजन की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर रहा। निर्वाचन संबंधी विशेष पुनरीक्षण कार्यों का समयबद्ध संपादन, पीली नदी के जीर्णोद्धार की महत्वाकांक्षी पहल, मुख्यमंत्री उद्यमी विकास योजना में जनपद का उत्कृष्ट प्रदर्शन तथा गौशालाओं में भूसा-चोकर दान जैसे कार्यों ने प्रशासन को नई पहचान दी।

परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्रों पर छात्रों और अभिभावकों के लिए गुड़-पानी की व्यवस्था हो या दशकों से लंबित चकबंदी प्रक्रिया को पूर्ण कराने की पहल हर कदम पर उनकी जनहितैषी सोच स्पष्ट दिखाई दी। यही कारण रहा कि प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, आमजन के बीच भी उन्होंने एक सहज, सुलभ और संवेदनशील जिलाधिकारी की छवि बनाई।

अपने संबोधन में डॉ. दिनेश चंद्र ने कहा कि जौनपुर में मिला सहयोग, आत्मीयता और स्नेह उनके लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि टीम भावना से ही जनसेवा का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

शोधार्थी अश्वनी तिवारी ने मीडिया को जानकारी दी कि डाॅ.दिनेश चंद्र पूर्व में डीएम बहराइच, कानपुर देहात, सहारनपुर रहे हैं। निवर्तमान जिलाधिकारी जौनपुर का कार्यकाल 14 सितंबर 2024 से 04 अप्रैल 2026 तक रहा। 
बिजनौर के मूल निवासी रसायन विज्ञान में परास्नातक, पी-एच.डी. एवं एलएलबी की उपाधि इलाहाबाद विवि प्रयागराज से प्राप्त कर 1995 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में चयनित होकर कार्य करते हुए आईएएस सेवा में प्रोन्नत हुए और जिलाधिकारी जौनपुर पद रहते हुए 'कर्मकुम्भ' पुस्तक की रचना किए। पूर्व में रचित 'कालप्रेरणा' , 'कर्मप्रेरणा' आदि जीवनानुभूति परक रचनाएं हैं।

समारोह के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ और कलेक्ट्रेट बार संघ की ओर से भी उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।

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