राजेश विक्रांत को आजमगढ़ में मिला "हरिऔध सम्मान"
राजेश विक्रांत को आजमगढ़ में मिला "हरिऔध सम्मान"
मुंबई: मशहूर लेखक व पत्रकार राजेश विक्रांत को उनकी उल्लेखनीय साहित्यिक सेवा के लिए रविवार 10 मई को आजमगढ़ के मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में विश्व हिंदी शोध एंव संवर्धन अकादमी, आजमगढ़ इकाई तथा तमसा काव्य मंच की ओर से "हरिऔध सम्मान- 2026" से सम्मानित किया गया। इन्हें यह सम्मान अकादमी के महामंत्री लाल बहादुर चौरसिया 'लाल' व अध्यक्ष डॉ रुद्र नाथ चौबे 'रुद्र', मंच के संस्थापक कवि राकेश पाण्डेय 'सागर', अध्यक्ष डॉ ईश्वर दत्त त्रिपाठी व महामंत्री संदीप गांधी 'नेहाल' की तरफ से शॉल, सम्मानपत्र व नकद राशि के रूप में दिया गया।
इस अवसर पर मंच संचालक डॉ तारकेश्वर मिश्र 'जिज्ञासु' ने कहा कि राजेश विक्रांत कुल 22 मौलिक, संपादित व अनुवादित पुस्तकों के रचनाकार हैं। उन्होंने 3 पुस्तकों का मराठी से हिंदी अनुवाद किया है। कई पुस्तकों का संपादन किया है और उन्होंने मुंबई के इतिहास अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रणयन किया है जिनमें 'मुंबई माफिया: एक एनसाइक्लोपीडिया', 'आमची मुंबई', 'आजादी की लड़ाई में मुंबई का योगदान', 'मुंबई और हिंदी', तथा 'आमची मुंबई-2' शामिल है। आज के कार्यक्रम में विमोचित पुस्तक 'जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन' के वे ही संपादक हैं। इसलिए यशस्वी संपादक, पत्रकार व ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार राजेश विक्रांत को हिंदी के प्रतिष्ठित साहित्यकार अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' के नाम पर हरिऔध सम्मान देते हुए आजमगढ़ का साहित्यिक समुदाय अत्यंत हर्षित है।
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