आत्मबोध से विश्वबोध तक परिचर्चा एवं कविगोष्ठी संपन्न
आत्मबोध से विश्वबोध तक परिचर्चा एवं कविगोष्ठी संपन्न
ठाणे
जनपद के शहाड स्थित बिरला वन्या प्रांगण सभागृह कल्याण, ठाणे में राष्ट्रीय संस्था बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट एवं केवल काव्य परिवार के संयुक्त तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दिनेश प्रताप सिंह द्वारा आत्मबोध से विश्वबोध तक विषय पर वक्तव्य रखा गया।उक्त आयोजन रविवार 10 मई 2026 को श्रीमती अन्नपूर्णा गुप्ता एवं गुप्ता परिवार के संयोजन में रखा गया। जिसकी अध्यक्षता बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के संस्थापक शिवकुमार सिंह ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ दिनेश प्रताप सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में छंदकार डॉ राज बुंदेली एवं सम्मानित अतिथि के रूप में रामस्वरूप साहू,अनिल कुमार राही, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,दयाराम दर्द,विनय कुमार शर्मा उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती को पुष्प अर्पित करते हुए दीप प्रज्वलित कर वंदना के साथ किया गया।मंच का खूबसूरत संचालन श्रीमती सीमा त्रिवेदी साज़ ने किया। उपस्थित सभी अतिथि साहित्यकारों का सम्मान अंगवस्त्र,रामनामी पट्टी एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। आत्मबोध से विश्वबोध तक के वक्तव्य पश्चात कविगोष्ठी का आयोजन किया गया।आमंत्रित सम्मानित अतिथि साहित्यकारों में किरण तिवारी,डॉ निलिमा पाण्डेय, ओजस्विनी लक्ष्मी यादव, पल्लवी रानी, मीनाक्षी शर्मा पंकज,जागृति सिन्हा अजय, रीना धीमान स्वर्ण,कविता ए झा,श्रीमती गायत्री देवी, सत्यभामा सिंह जिया,अन्नपूर्णा गुप्ता,बिट्टू जैन शना उपस्थित थी।उपस्थित सभी साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से मातृदिवस को समर्पित रचना एवं स्वैच्छिक रचना सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम अध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने उक्त कार्यक्रम के उद्देश्य को रखते हुए अपनी कविता सुनाई तथा केवल काव्य परिवार की अध्यक्ष डॉ कनकलता तिवारी किसी कारण वश उपस्थित नहीं हो पाई किंतु अपनी शुभकामनाएं व्हाट्सएप के माध्यम से पहुंचाई।अंत में बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष श्रीमती सत्यभामा सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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