सकल हिन्दू समाज को अपनी शक्ति पहचाननी होगी - मंगलदेव तिवारी
सकल हिन्दू समाज को अपनी शक्ति पहचाननी होगी - मंगलदेव तिवारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सकल हिंदू समाज द्वारा यशवंत वीवा टाउनशिप, नालासोपारा (पूर्व) स्थित नवदुर्ग ग्राउंड में एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत “जय श्री राम” एवं “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” के ऊर्जावान नारों के साथ हुई, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह एवं भक्ति का संचार हुआ। इसके पश्चात बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित नाट्य प्रस्तुतियाँ एवं समसामयिक सामाजिक विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुए। टाउनशिप की महिलाओं द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन एवं शौर्य पर आधारित एक प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम मे फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था, जिसमें बच्चों ने भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, भारत माता, मदन लाल ढींगरा एवं छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान राष्ट्रनायकों का रूप धारण कर भारत के सच्चे वीरों को स्मरण कराया। सम्मेलन में देश ने १००० वर्ष से जिन चुनौतियों और संघर्षों का सामना किया है, उस पर भी प्रकाश डाला गया तथा समाज में एकता एवं सांस्कृतिक चेतना के महत्व पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दुबे आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के ट्रस्टी डॉ ओमप्रकाश दुबे जी थे । उन्होंने उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए “विकसित भारत” के निर्माण हेतु एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता वरिष्ठ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रचारक भूषण दामले जी ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में भाईचारा, एकता एवं जागरूकता को सुदृढ़ करते हैं। समाज सेवक बिजेंद्र रामचंद्र सिंह जी ने कहा कि भारत देश के आधार में मातृशक्ति का समर्पण है । जीजामाता जैसी अनेक मातृशक्तियों के कारण भारत देश अपनी संस्कृति भूला नहीं है ।
कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष मंगलदेव तिवारी जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सकल हिंदू समाज को अपनी शक्तियों को पहचानने की जरूरत है। सभी को एकजुट होकर रहना होगा। श्री तिवारी ने उपस्थित जनसैलाब के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि वर्तमान समय में ऐसी ही एकता बनाए रखनी होगी । श्रीमती जोहरा आतिश सावंत ने भी अपने संबोधन में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों की सराहना करते हुए इसे समाज की मजबूत एकता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम का समापन “संपूर्ण वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
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