आशा ताई के कालजई गीतों की जादुई आवाज हमेशा गूंजती रहेगी : कृपाशंकर सिंह

आशा ताई के कालजई गीतों की जादुई आवाज हमेशा गूंजती रहेगी :  कृपाशंकर सिंह
मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने आज लोअर परेल के कासा ग्रांडे स्थित आवास पर रखी गई भारतीय संगीत की दिग्गज गायिका आशा भोंसले के पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। उन्होंने कहा कि आशा ताई के निधन से एक युग का अंत हो गया है। उनकी बहुमुखी आवाज़ ने सात दशकों तक रोमांस, दर्द और जश्न के हर रंग को जीवंत किया, जिससे संगीत जगत में अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित आशाताई के कालजयी गीत और जादुई आवाज़ हमेशा गूंजती रहेगी। कृपाशंकर ने अत्यंत भावुक स्वर में गीत की कुछ पंक्तियां आशा ताई को समर्पित करते हुए कहा कि – 
अजनबी रहगुज़र के थे ही नहीं
हम जिधर थे ,उधर के थे ही नहीं,
कैसे आते वो हम-सफ़र वापस
जो हमारे सफ़र के थे ही नहीं
जो न आए हमारे दामन में
फल हमारे शजर के थे ही नहीं...।

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