*महिला शक्ति का महाघोष: अब अधिकार नहीं, हिस्सा चाहिए।*
*महिला शक्ति का महाघोष: अब अधिकार नहीं, हिस्सा चाहिए।*
रिपोर्टर, सुरेश कुमार शर्मा
*वाराणसी से उठी आवाज, पूरे देश में गूंजने लगी*
वाराणसी।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के महिला प्रकोष्ठ ने आज एक ऐतिहासिक और जोशीला प्रदर्शन करते हुए महिला आरक्षण बिल को सदन में पारित न होने देने पर विपक्ष के खिलाफ जोरदार हल्ला बोला। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी गेट के सामने जुटी सैकड़ों महिलाओं की आवाज ने यह साफ कर दिया कि अब देश की नारी चुप बैठने वाली नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा डॉ. प्रीति उपाध्याय के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष मेदिनी सिंह ने महिला शक्ति का ऐसा संगम खड़ा किया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। प्रदर्शन के दौरान जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी का नारा पूरे जोश के साथ गूंज उठा।
विपक्ष पर तीखा प्रहार
महिला नेताओं ने साफ शब्दों में कहा कि जो विपक्ष कभी महिलाओं की बराबरी की बात करता था। वही आज 33% महिला आरक्षण का विरोध कर अपनी असली मानसिकता उजागर कर चुका है।
उन्होंने सवाल उठाया
जब देश की 50% आबादी महिलाएं हैं। तो उनका हक सिर्फ 33% क्यों रोका जा रहा है।
पंचायत से संसद तक महिला शक्ति
नेताओं ने यह भी याद दिलाया कि पंचायत स्तर पर 33% आरक्षण ने लाखों महिलाओं को सशक्त बनाया है। आज करीब 14 लाख से अधिक महिलाएं गांव-गांव में नेतृत्व कर रही हैं। न्याय दिला रही हैं। बदलाव ला रही हैं। जरुरतमंदों की मदद कर रही है।
लेकिन संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी अब भी बेहद कम सिर्फ लगभग 15% — है।
*अब आंदोलन नहीं रुकेगा*
महिला प्रकोष्ठ ने ऐलान किया:
जब तक महिला आरक्षण बिल पास नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विपक्ष के खिलाफ हर मोर्चे पर संघर्ष होगा।
*देशभर में असर*
इस प्रदर्शन ने सिर्फ वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूरे देश में एक नई ऊर्जा भर दी है। महिलाएं और पुरुष दोनों इस मांग के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं।
राजनीतिक दलों में भी इस मुद्दे को लेकर खलबली मच गई है।
*संदेश साफ है:।*
अब नारी सिर्फ वोटर नहीं, निर्णय लेने वाली शक्ति बनना चाहती है।
अब उसे वादे नहीं, सत्ता में हिस्सेदारी चाहिए।
यह सिर्फ आंदोलन नहीं, बदलाव की आंधी है। और अब यह रुकने वाली नहीं।
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