बहुआयामी प्रतिभा के धनी : डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद सिंह

बहुआयामी प्रतिभा के धनी : डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद सिंह


डॉ. राजेंद्रप्रसाद सिंह आदर्श, गुणसमृद्ध, समाजसेवी और बहुआयामी व्यक्ति हैं, इनके कार्यक्षेत्र का विस्‍तार चिकित्‍सा, पत्रकारिता, राजनीति, शिक्षा और समाज कल्याण के विभिन्न पहलुओं तक फैला हुआ है। मुंबई के उपनगर मुलुंड में 16 अप्रैल को जन्मे डॉ. सिंह ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा इसी महानगर में प्राप्त की। महानगरीय परिवेश में पले-बढ़े होने के बावजूद इनमें भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों की गहरी जड़ें रही हैं। इन्होंने बी.ए.एम.एस. की उपाधि प्राप्त कर चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी दक्षता सिद्ध की, साथ ही पत्रकारिता में डिप्लोमा लेकर विचारों के संप्रेषण की कला में भी प्रवीणता हासिल की। हिंदी, मराठी, गुजराती और अंग्रेज़ी इन चार भाषाओं पर उनकी सशक्त पकड़ उनके बहुआयामी व्यक्तित्व का परिचायक है। यह भाषाई दक्षता उन्हें समाज के विविध वर्गों से जोड़ने और उनके दुःख-दर्द को समझने में सक्षम बनाती है। इनकी मेहनत, लगन और कर्तव्‍य परायणता का ही परिणाम है कि इन्‍हें विभिन्‍न राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय संस्‍थाओं द्वारा सम्‍मान प्राप्‍त हुआ है। 
बाल्यकाल से ही इनके अंतर्मन में समाजसेवा का अंकुर फूट चुका था। मात्र दस वर्ष की आयु में ही इन्‍होंने सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना प्रारंभ कर दिया था। डॉ. सिंह वर्तमान में मुंबई कांग्रेस के महासचिव के रूप में कार्यरत हैं। साथ ही डॉ. सिंह ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है। ‘आर. आर. एज्‍युकेशनल ट्रस्‍ट’ के चेयरमेन हैं  जिसका भूमिपूजन तत्‍कालीन राज्‍यपाल श्री पी. सी. एलेक्‍जेंडर के करकमलों द्वारा हुआ।  वर्तमान  में इसमें मराठी व अंग्रेजी माध्‍यम स्‍कूल, जूनियर कॉलेज, हॉटल मैनेजमेंट, स्‍पोर्टस एकेडमी, डी. एड. व बी. एड. कॉलेज (NAAC ACCREDITED & ISO Certified) चल रहे हैं। 
आर. आर. एज्‍युकेशनल ट्रस्‍ट की शिक्षा पद्धति से सभी प्रभावित हैं। मराठी व अंग्रेजी माध्‍यम स्‍कूल में विभिन्‍न प्रकार की गतिविधियों का आयोजन होता रहता है। नई शैक्षणिक पद्धतियों का प्रयोग करके छात्रों को सिखाया जाता है। आर. आर. एज्‍युकेशनल ट्रस्‍ट डी. एड. और बी. एड. कॉलेज से निकले हजारों शिक्षक आज देश के कोने-कोने में विभिन्‍न विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षा प्रदान करके देश की भावी पीढि़यों को गढ़ने का कार्य कर रहे हैं। जूनियर कॉलेज व हॉटल मैनेजमेंट से भी अनेक मेधावी छात्रों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। वे छात्र यह मानते हैं कि हमें जो भी मुकाम हासिल हुआ है वह इस विद्या के मंदिर आर. आर. एज्‍युकेशनल ट्रस्‍ट से ही मिले ज्ञान और सहयोग का फल है। यहां स्‍पोर्टस एकेडेमी को शानदार तरीके से संचालित किया जा रहा है इससे छात्रों को खेल में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्‍त हुआ है। इस संस्‍थान में डिग्री कॉलेज और प्रबंधन कॉलेज की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा है। इन्‍होंने राजीव गांधी हाई स्कूल (हिंदी और मराठी माध्यम), दयानंद वैदिक विद्यालय प्रायमरी, सेकंडरी, व (जूनियर कॉलेज सहित), में विद्यालय की स्‍थापना से लेकर अब तक सफल संचालन में मदद की है। यह आपके कुशल नेतृत्‍व को ही दर्शाता है। इन्‍होंने छात्रों को प्रोत्साहित करने और युवाओं को सशक्त बनाने के लिए नोटबुक वितरण एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया। ज़रूरतमंद विद्यार्थियों को स्‍कूल परिधान व जूते वितरित किए जिससे उनकी शिक्षा-दीक्षा निर्बाधित रूप से चलती रहे। 
डॉ. सिंह का सामाजिक जीवन भी सक्रिय और प्रेरणादायक है। ये ‘मुलुंड सिटिज़न चैरिटेबल ट्रस्ट’ के अध्यक्ष के रूप में जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता करते हैं और सूचना के अधिकार (RTI) के प्रति जनजागरूकता फैलाते हैं। ‘राजीव विचार प्रसार मंच’ के अध्‍यक्ष हैं और ‘स्‍लम सेल (मुंबई कांग्रेस)’ के इंचार्ज के रूप  में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही साथ ‘त्रिवेदी फाउण्‍डेशन (USA)’ के ट्रस्‍टी, ‘रयत महासंघ उत्‍तर पूर्व मुंबई’, तथा ‘डिजायर फाउण्‍डेशन’, ‘मुलुंड पान-बीड़ी विक्रेता संघ’ मुंबई एवं ‘जय भवानी धाम’ सभी संस्‍थाओं में अपना योगदान दिया है। ‘कामगार संघर्ष सेना’ (रजिस्‍टर्ड) के कोषाध्‍यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। ‘साई संस्‍थान शिर्डी’ के आजीवन सदस्‍य बनकर सद्भावना विकास का कार्य कर रहे हैं। 
चिकित्‍सा के क्षेत्र में, इनका योगदान प्रशंसनीय है- जैसे 75000 मरीजों को टी बी  की नि:शुल्‍क औषधियां वितरणकर उन्‍हें बीमारी से निजात दिलाया। 2100 मरीजों की मोतियाबिंद नामक बीमारी से मुक्ति दिलाई। इन्‍होंने एक तरफ 51 विकलांग व्‍यक्तियों को ट्रिसायकल दिलाकर उनके जीवन की कठिनाईयों को सुलझाया, तो दूसरी तरफ कोढ़, पोलियो, ट्रिपल हेपैटाइटिस बी और टाइफायड वैक्सिनेशन कॅम्‍प के लिए मुफ्त औषधी बैंक की व्‍यवस्‍था की। इसके अतिरिक्‍त, एम्‍बुलेंस सेवा तथा इनके द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में नेत्र जांच, रक्तदान, और टीकाकरण कार्यक्रम भी शामिल हैं, जिनसे हजारों लोगों को लाभ हुआ। क्रॅानिक (Chronic) बीमारियों के विषय में जागरुकता अभियान व केंसर के विषय में जागरुकता के कार्यक्रम इस प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं नियमित करते रहते हैं। 
डॉ. सिंह के पिता पूर्व महापौर स्‍व. श्री आर. आर. सिंह सन 1969 में  समाजसेवा और राजनीति से जुड़े तो पारिवारिक वातावरण भी उसी रंग में ढल गया। इसी का परिणाम था कि इनका रुझान विभिन्‍न सामाजिक व राजनैतिक संगठनों की ओर हुआ।  सर्वप्रथम ‘मुलुंड जेसिस’ (1985-1991) के अध्‍यक्ष बने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया। 1989 में ‘उत्‍तर पूर्व जिला युवा कांग्रेस कमेटी’ (N'EDYCC) के चेयरमेन के पद पर कार्यरत हुये। 
समाजसेवा के क्षेत्र में डॉ. सिंह 1987 से 1991 तक ‘मुलुंड युवक परिषद’ तथा ‘उत्तर भारतीय संघ’ (मुलुंड ब्रांच) के सचिव रहे और अपने कर्तव्यों का पालन पूर्ण निष्ठा से किया। कहा जाता है, कार्य करने वाले को स्‍वयं खोल लेता है। डॉ. सिंह के समक्ष भी अवसरों की एक लंबी फेहरिस्‍त थी। 1989 में इन्‍हें कांग्रेस पार्टी की रिव्यू कमेटी (Review Committee) में कार्य करने का अवसर मिला। इसके पश्चात, डॉ. सिंह ने 1990 से 1994 तक ‘बांबे प्रदेश युवा कांग्रेस समिति’ के सहसचिव के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। तत्पश्चात, पुन:  इन्‍होंने ‘मुलुंड जेसिस’ 1996 के अध्यक्ष पद का दायित्व संभाला और 1997 से 2000 तक ‘मुंबई कांग्रेस कमेटी’ के ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही, आप ‘महानगरी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी’ के संस्थापक भी रहे, जिसने वित्तीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इतना ही नहीं, डॉ. सिंह ‘संत नरहरी सार्वजनिक शिक्षण संस्‍था’, ‘शिवम मित्र मंडल’, ‘त्रिवेणी युवक संगम’ (रजिस्‍टर्ड) और ‘आर्य समाज मुलुंड कॉलोनी’ के सलाहकार के रूप में सतत योगदान देते रहे हैं और ‘उत्‍तर भारतीय संघ’ और ‘मैका महिला गृह उद्योग’ के सलाहकार के रूप में भी आपने समाजसेवा में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
डॉ. सिंह सन 1994 में ‘रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमेटी’, ठाणे के सदस्य रहे। सन 1990 से अब तक,  महाराष्ट्र सरकार द्वारा पहले ‘स्‍पेशल एक्‍जीक्‍युटिव मजिस्‍ट्रेट’ (SEM) और वर्तमान में ‘स्‍पेशल एक्‍जीक्‍युटिव ऑफीसर’ (SEO) के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। साथ ही, ‘अखिल भारतीय राष्ट्रीय एकता निर्मूलन समिति’ के कार्यकारी समिति सदस्य रहे हैं। ‘उत्तर भारतीय संघ, मुंबई’, ‘महाराष्ट्र कुर्मी क्षत्रिय संघ’ और सन 1985 से 1997 तक ‘श्री नागरिक सभा’ (मुलुंड) के सदस्य के रूप में भी आपने सक्रिय भूमिका निभाई है। ‘सामाजिक एकता समिति’, ‘भारतीय शिक्षण समिति’ और ‘साहस टी वार्ड’ से भी जुड़े रहे हैं। साथ ही, वर्ष 1990 में BMC उम्मीदवारों के चयन हेतु ‘स्क्रीनिंग कमेटी’ के सदस्य तथा 1991 के संसदीय आम चुनावों के लिए ‘इलेक्शन कैंपेनिंग कमेटी’ के सदस्य के रूप में आपने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।
इन्‍होंने सन 1995 से 2001 तक ‘स्टेशन कंसल्टेटिव कमेटी’ (ZRUCC) रेलवे के सदस्य के रूप में कार्य किया। इसके अलावा, सन 1999 से 2000 तक ‘बालराजेश्वर महादेव मंदिर’, ‘धर्मशाला एवं सदाव्रत ट्रस्ट’ के सदस्य के रूप में समाज और राष्ट्र की प्रगति में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
इन्‍होंने सन 1992 से 1997 तक मुंबई कांग्रेस, मुलुंड ब्लॉक क्रमांक 85 के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इसके बाद, 1998 से 2010 तक ‘उत्तर-पूर्व कांग्रेस कमेटी - स्लम प्रिवेंशन सेल’ के अध्यक्ष तथा ‘स्पेशल एक्जीक्यूटिव ऑफिसर क्लब’, मुंबई के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान की। 1990 से 1993 तक आपने ‘मुलुंड तालुका युवा कांग्रेस’ और ‘ओम दत्ता दिगंबर समर्थ सेना मंडल’ के अध्यक्ष पद का दायित्व निभाया।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह ने सन 1988 से 1990 तक ‘मुलुंड तालुका युवा कांग्रेस’ में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद, सन् 2006 से 2014 तक ‘उत्तर-पूर्व कांग्रेस कमेटी’, ‘उत्तर-पूर्व जिला युवा कांग्रेस कमेटी’, ‘उत्तर भारतीय संघ मुलुंड’ तथा ‘ब्रांच बी. ए. एम. एस. ग्रेजुएट एसोसिएशन’ सहित विभिन्न संस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आप ‘उपभोक्ता मार्गदर्शन एवं संरक्षण समिति’ के सदस्य के रूप में भी कार्यरत रहे। इसके अतिरिक्त, ‘कल्चरल कमेटी ऑफ श्री नागरिक सभा, मुलुंड’ के अध्यक्ष पद पर रहते हुए आम जनता के लिए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिससे लोगों का ज्ञानवर्धन हुआ और उन्हें मनोरंजन के साथ प्रेरणा भी मिली।
इन्‍होंने ‘शताब्‍दी’ कांग्रेस तिमाही पत्रिका के संपादक के रूप में भूमिका निभाकर जन जागरूकता के कार्य किये हैं।  सभी संस्‍थाओं को अपने कुशल नेतृत्‍व और सूझबूझ से प्रगति मार्ग पर ले जाने में योगदान दे रहे हैं।
डॉ. सिंह ने विभिन्न राहत कार्यों जैसे लातूर और उसमानाबाद भूकंप राहत, बिहार बाढ़ राहत, और मोरबी बाढ़ राहत में महत्वपूर्ण आर्थिक योगदान दिया। आतंकी हमले में मारे गए एक ऑटो रिक्शा चालक के परिवार के जीवन में आई कठिन परिस्थितियों में उनकी आर्थिक सहायता कर उनका संबल बने। अस्पताल के मरीजों को मुफ्त फल वितरित किये। 
महिला सशक्तिकरण की यदि हम बात करें तो आपने 'महिला कांग्रेस' की बैठकों का आयोजन किया और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया। महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण भी किया।
 समय-समय पर समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए: अनूप जलोटा नाइट, पंकज उधास नाइट, कुमार शानू नाइट, मोहम्मद अज़ीज़ नाइट, बिरहा मुकाबला, कव्वाली मुकाबला, सुधा मल्होत्रा की भजन संध्या, बाबला ऑर्केस्ट्रा, होली स्नेह सम्मेलन जैसे सांस्‍कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का भी सफल आयोजन किया है। डॉ. सिंह कई सहकारी और समाजसेवी संस्थाओं जैसे- महानगरी, जीवन ज्योत, गंगा गोदावरी, और संत नरहरी कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी से जुड़कर सहकार्य करते रहे हैं। अपने समर्पण और कुशल नेतृत्व के माध्यम से समाज, शिक्षा और संस्कृति में गहरा योगदान दिया है। इनका अन्‍य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए डॉ. सिंह ने कई कुश्ती प्रतियोगिताओं और क्रिकेट मैचों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों ने युवाओं को प्रेरित किया और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए मंच प्रदान किया। ‘मुलुंड तालुका यूथ कांग्रेस’ द्वारा आयोजित क्रिकेट मैच और कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविरों में भागीदारी आपकी दूरदर्शिता को दर्शाती है। साम्प्रदायिक सद्भाव के प्रबल समर्थक डॉ. सिंह ने ईद-ए-मिलाद और शिवाजी जयंती को संयुक्त रूप से मनाने का आयोजन किया, जिससे समुदायों के बीच आपसी सम्मान और समझ को बढ़ावा मिला। ‘एकता अखंडता सप्ताह’ जैसे आयोजन एकता और समावेशिता के संदेश को और मजबूत करते हैं। डॉ. सिंह द्वारा किये गये कार्य इस बात का प्रतीक हैं कि सच्चा नेतृत्व वह है जो समाज को ऊपर उठाए, विभाजन को मिटाए और सकारात्मक परिवर्तन की ओर अग्रसर हो। 
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में, 1980 से 1998 तक मुलुंड क्षेत्र में वृक्षारोपण से लेकर नालों की सफाई तक पर्यावरण संरक्षण डॉ. सिंह के कार्यकाल की मुख्य विशेषता रही। वृक्षारोपण और पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देकर समाज को एक स्थायी भविष्य की ओर अग्रसर किया। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान, इन्‍होंने भूकंप पीड़ितों के लिए पर्याप्‍त धनराशि का दान और एंबुलेंस सेवा उपलब्ध करवाया। इसके अलावा, समाज के कमजोर वर्गों  को मुफ्त पौधे वितरण किये।  2001 के गुजरात भूकंप के दौरान राहत के लिए रैली का आयोजन भी आपके मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है। सुलभ शौचालयों का उद्घाटन, जिमनैजियम का निर्माण और स्थानीय सुविधाओं का विकास आपके कार्यों में शामिल हैं। 
पिता पूर्व महापौर मुंबई, स्‍व. आर. आर. सिंह के कुशल मार्गदर्शन में इन्‍होंने राजनीतिक करियर की शुरूआत की। डॉ. सिंह ‘उत्तर पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी’ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। ‘युवा कांग्रेस और कांग्रेस (आई)’ के विभिन्न पदों पर कार्य किया। कई मोर्चों और आंदोलनों का नेतृत्व किया, जिसमें मूल्य वृद्धि, भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शामिल हैं। इनका राजनीतिक नेतृत्व सिर्फ आंदोलन तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि चुनावों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आप नगर निगम चुनाव में प्रत्याशी रहे और विधानसभा चुनावों में प्रमुख चुनाव एजेंट के रूप में कार्य किया। राजीव गांधी, इंदिरा गांधी और जवाहरलाल नेहरू जैसे राष्ट्रीय नेताओं की स्मृति को जीवित रखने के लिए प्रमुख सार्वजनिक सभाओं का आयोजन किया। इनमें से एक उल्लेखनीय आयोजन 23 फरवरी 1990 को मुलुंड में भारतरत्‍न श्री राजीव गांधी द्वारा संबोधित सार्वजनिक सभा थी। न्याय और राजनीतिक जवाबदेही के प्रति आपके समर्पण का उदाहरण 1989 में तत्कालीन उपप्रधानमंत्री श्री देवीलाल के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर मामला है, जो बाद में सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। यह साहस लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति आपकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इनके नेतृत्व में ‘जेल भरो आंदोलन’ और ‘सेव कश्मीर डे’ जैसे आंदोलन आयोजित किए गए। मूल्य वृद्धि, टोल टैक्स और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन डॉ. सिंह लोक कल्याणकारी प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं।
आपके नेतृत्‍व में 10 फरवरी 2025 में ‘महाराष्‍ट्र राज्‍य शिक्षक सेना’ ने आर. आर. एज्‍युकेशलन ट्रस्‍ट, मुलुंड के प्रांगण में राज्‍य स्‍तर के शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की एक दिवसीय बैठक आयोजित की, राज्‍य भर से चार हजार से अधिक शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी शामिल हुए जिसमें शिवसेना प्रमुख उद्धव जी ठाकरे साहेब की उपस्थिति आकर्षण का केंद्र रही। डॉ. सिंह समाज कल्‍याण हेतु इस प्रकार के कार्य नियमित रूप से करते रहते हैं।
आपके अथक परिश्रम, लगन और निष्‍ठा से किये गये कार्य राजनीति, सामाजिक सुधार, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में जन समुदाय के लिए एक मिशाल हैं। यह कार्य समाज और राष्‍ट्र की प्रगति में सहयोग करते हैं। जीवन हम सब के लिए प्रेरणादायी है आपके नेतृत्व और प्रयासों ने समाज में एक नई दिशा का संचार किया है। आपके द्वारा किये गये कार्य हम सभी के लिए एक प्रेरणा है।

डाॅ. शशिकला पटेल  असिस्‍टेंट प्रोफेसर आर. आर. एज्‍युकेशनल ट्रस्‍ट बी. एड. काॅलेज मुलुंड

Comments

Popular posts from this blog

*एन के ई एस स्कूल के विद्यार्थियों ने जीता कबड्डी प्रतियोगिता*

बृहन्मुंबई महानगर पालिका जुनी पेन्शन योजना कृती समिती द्वारे महिला दिन साजरा करण्यात आल संनि.अन्वेषक रोहिणी झगडे सम्मानित*

महापालिका कर्मचाऱ्यांच्या आंदोलनातून सकारात्मक तोडगा निघाला