राजस्थान के राज्यपाल ने संविदा अतिथि शिक्षकों के लिए समान कार्य समान वेतन नीतिगत पहल के लिए आश्वस्त किये

राजस्थान के राज्यपाल ने संविदा अतिथि शिक्षकों के लिए समान कार्य समान वेतन नीतिगत पहल के लिए आश्वस्त किये
जयपुर।  राजस्थान सरकार के राज्यपाल सम्माननीय श्री हरिभाऊ बागडे से केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली तथा जगद्गुरु रामानंदाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के संयुक्त   तत्वावधान में मीडिया एस.वी-लॉग़ के पांच दिवसीय कार्यशाला में शामिल होने  आए नासिक परिसर के प्राध्यापक ,मीडिया समन्वयक  एवं संयुक्त शिक्षक संघ (अखिल भारतीय नई दिल्ली) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रंजय कुमार सिंह ने  शिष्टाचार मुलाकात की।सम्माननीय राज्यपाल से  मुलाकात के दौरान डॉ सिंह के नेतृत्व में नासिक , जयपुर एवं रणवीर परिसर जम्मू के प्राध्यापकों तथा संगठन के  पदाधिकारियों में  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ सुभाषचंद्र मिश्र, राष्ट्रीय कार्यकारणी की सचिव डॉ प्रीति शर्मा , महिला कार्यकारणी  सचिव डॉ लक्ष्मी शर्मा और जम्मू परिक्षेत्र  के संगठन सचिव डॉ प्रवीन कुमार शर्मा ने केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के समस्त परिसरों, आदर्श महाविद्यालयाे तथा देश के समस्त संविदा /अतिथि प्राध्यापकों/आउटसोर्स कर्मचारियों की वर्तमान नियुक्ति  प्रक्रिया तथा स्थायीकरण की समस्याओ के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन दिया। डॉ सिंह ने  राज्यपाल महोदय को बताया कि  सर्वोच्च न्यायालय का आदेश तथा दिशा निर्देश भी है कि "समान कार्य समान वेतन" को संविधान के नीतिनिदेशक तत्व अनुच्छेद 39 और अनुच्छेद 14,15 व 16 समानता का अधिकार  का जो सिद्धांत है वह सम्पूर्ण देश में लागू किया जाय। एक संविधान एक विधान एवं सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली केंद्र की वर्तमान सरकार अब तक लागू नहीं कर पाई। संस्कृत भाषा में शपथ लेने वाले विधायकऔर सांसद केवल जनता में संदेश देने के लिए शपथ तो लेते है ,लेकिन इस भाषा के प्रचार प्रसार में तथा सभ्यता -संस्कृति के लिए दिन रात राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को विधानसभा और संसद में प्रश्न उठाकर सरकार का ध्यान नहीं आकर्षित करते है। राज्य में केंद्र के प्रतिनिधि राज्यपाल महोदय ने  गंभीरता पूर्वक विचार करते हुए डा सिंह और संघ के सदस्यों को आश्वास्त किया कि इस विषय से देश के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्रोंचार द्वारा लिखित रूप में अवगत कराते हुए संविदा /अतिथि शिक्षकों एवं  कर्मचारियों के साथ भेदभाव को दूर करने तथा"समान कार्य समान वेतन"को सम्पूर्ण देश  में लागू करने के लिए नीतिगत निर्णय लेते हुए ठोस नीति बनाने के लिए हम पहल करेंगे।

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