वैश्विक पटल पर निरंतर मजबूत हो रही है हिंदी की स्थिति: डॉ. राजीव रंजन

वैश्विक पटल पर निरंतर मजबूत हो रही है हिंदी की स्थिति: डॉ. राजीव रंजन
वाराणसी। महिला महाविद्यालय , काशी हिंदू विश्वविद्यालय के  हिंदी विभाग द्वारा 'विदेश में हिंदी की स्थिति' विषय पर एक विशेष व्याख्यान का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चीन के चचियांग विश्वविद्यालय के प्राच्य भाषा विभाग के विदेशी भाषा विशेषज्ञ डॉ. राजीव रंजन ने अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। अतिथियों का औपचारिक स्वागत महिला महाविद्यालय के हिंदी विभाग के डॉ हरीश कुमार एवं डॉ. विवेकानंद उपाध्याय द्वारा किया गया।

अपने सारगर्भित व्याख्यान में डॉ. राजीव रंजन ने वैश्विक स्तर पर हिंदी भाषा के बढ़ते प्रभाव, उसकी स्वीकार्यता और वर्तमान स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण और सूचना क्रांति के इस दौर में हिंदी अब केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क, रोजगार और व्यापार की एक सशक्त भाषा बन चुकी है।

चीन में अपने अध्यापन अनुभवों को साझा करते हुए डॉ. रंजन ने बताया कि विदेशी विश्वविद्यालयों में भारतीय संस्कृति, साहित्य, सिनेमा और योग के प्रति बढ़ते आकर्षण के कारण विदेशी छात्रों में हिंदी सीखने की ललक तेजी से बढ़ी है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के कई प्रमुख विश्वविद्यालयों में आज हिंदी का पठन-पाठन और शोध कार्य गंभीरता से किया जा रहा है, जो हिंदी के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। इसके साथ ही उन्होंने विदेशों में हिंदी शिक्षण के दौरान आने वाली चुनौतियों और नई संभावनाओं पर भी शोधार्थियों व छात्राओं के साथ संवाद किया। कार्यक्रम का संचालन मुस्कान यादव एवं राधिका भंडारी ने किया और  धन्यवाद ज्ञापन डॉ धीरेंद्र नाथ चौबे, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, महिला महाविद्यालय द्वारा किया गया। इस अवसर पर महिला महाविद्यालय, हिंदी विभाग के कई वरिष्ठ शिक्षक, शोधार्थी और भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

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