शिक्षा ही भविष्य है।
शिक्षा ही भविष्य है।
"अब आइंस्टीन का प्रसिद्ध समीकरण E = mc² अथवा न्यूटन का नियम ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि E = F, अर्थात Education = Future (शिक्षा ही भविष्य है), इस बात को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को खूब अध्ययन करना चाहिए और अपने ज्ञान का उपयोग देश की प्रगति के लिए करना चाहिए।" यह विचार मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सुहास पेडणेकर ने व्यक्त किए। वे मराठी विज्ञान परिषद तथा घाटकोपर स्थित झुनझुनवाला कॉलेज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. हिमांशु दावडा ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि परिषद की जानकारी कार्यवाह श्री अ. पां. देशपांडे ने दी।
इस अवसर पर डॉ. बाल फोंडके द्वारा विज्ञान कथाओं का वाचन किया गया, कवि सतीश सोलांकूरकर ने विज्ञान विषयक कविताओं का गायन प्रस्तुत किया तथा ठाणे के सरस्वती विद्या मंदिर के विद्यार्थियों ने मैडम मैरी क्यूरी पर आधारित विज्ञान एकांकी का प्रभावशाली मंचन किया।
इसके अतिरिक्त, गणित विषय में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों पर प्रो. श्वेता शिंदे ने तथा भौतिक विज्ञान के क्षेत्र पर टीआईएफआर के प्रो. श्रीगणेश प्रभू ने अपने विचार एवं प्रस्तुति दी।
इस कार्यक्रम में झुनझुनवाला कॉलेज के प्रथम वर्ष बी.एससी. (एफ.वाई. बी.एससी.) के लगभग 400 विद्यार्थी उपस्थित थे।
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