स्वतंत्रता दिवस पर उत्तर भारतीय संघ ने किया शहीदों के परिजनों का सम्मान
स्वतंत्रता दिवस पर उत्तर भारतीय संघ ने किया शहीदों के परिजनों का सम्मान
मुंबई। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उत्तर भारतीय संघ की ओर से बांद्रा पूर्व स्थित संघ भवन के बाबू सत्यनारायण सिंह सभागृह में शहीदों के परिजनों के सम्मान में समारोह आयोजित किया गया। देशभक्ति के गीतों के बीच जब शहीदों के परिजनों का सम्मान किया गया तो सभागृह का माहौल भावुक हो उठा। शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए उनके परिजनों को सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए गए। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह की संकल्पना के तहत किया गया।
समारोह में विशेष रूप से नागपुर से शहीद लांस नायक रत्नाकर कलंबे की पत्नी डॉ. अर्चना रत्नाकर कलंबे, नायक सुनील काशीराम नखाते की पत्नी कल्पना नखाते, सातारा से शहीद एकनाथ माने की पत्नी सुमन माने तथा मुंबई से शहीद माणिक दमदमे की पत्नी पुष्पा दमदमे का विशेष रूप से सत्कार किया गया। उत्तर भारतीय संघ शहीदों के परिजनों का सम्मान कर गौरवान्वित है। संघ की तरफ से प्रत्येक सम्मानित परिवार को एक-एक लाख रुपए का चेक, प्रशस्ति पत्र और गणपति प्रतिमा प्रदान की गई। सम्मान प्राप्त करते समय शहीद परिवारों की भावनाएं छलक उठीं और कई मौकों पर उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। सभागृह में मौजूद लोगों ने भी भावुक होकर वीर शहीदों को नमन किया।
उत्तर भारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहीदों के परिजन पूरे समाज के लिए विशेष सम्मान और प्रेरणा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि सम्मान निधि के रूप में कितनी राशि दी गई, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि शहीदों के परिवारों ने संघ का निमंत्रण स्वीकार कर कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संतोष आरएन सिंह ने शहीद परिवारों के प्रति पूरे समाज की ओर से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर भारतीय संघ हमेशा उनके सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि शहीद परिवारों के किसी भी पारिवारिक कार्यक्रम के लिए उत्तर भारतीय संघ का सभागार उन्हें निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि संघ की ओर से हर वर्ष 15 अगस्त का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है और भविष्य में भी यह परंपरा जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हम सभी आज यहां शहीदों की वजह से खड़े हैं। देश की स्वतंत्रता और उसकी रक्षा के लिए जिन वीरों ने अपना जीवन समर्पित किया, उनके परिवारों का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है।शहीद लांस नायक रत्नाकर कलंबे की पत्नी डॉ. अर्चना रत्नाकर कलंबे ने सम्मान के लिए उत्तर भारतीय संघ और अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश की सेवा केवल सेना में जाकर ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अपने-अपने स्तर पर की जा सकती है। उन्होंने आम लोगों से भी देश और समाज की सेवा के लिए आगे आने की अपील की। डॉ. अर्चना कलंबे ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि कठिन परिस्थितियों में उन्होंने मजदूरी करते हुए अपने परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। उनके संघर्ष और जज्बे को सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भावुक हो गए। उत्तर भारतीय संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेश्याम तिवारी ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए आजादी के लिए संघर्ष करने वाले महापुरुषों और शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि 80 वर्ष पहले देश को स्वतंत्रता दिलाने के लिए अनेक महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। आजादी के बाद आने वाली पीढ़ियों ने देश के निर्माण और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले शहीदों के परिवारों के प्रति समाज की जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं हो सकती। उत्तर भारतीय संघ शहीद परिवारों के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहेगा। इस मौके पर म्यूजिकल ग्रुप स्वर मल्हार ने देशभक्ति गीतों का लोगों में जोश भर दिया। कार्यक्रम में उत्तर भारतीय संघ के कार्याध्यक्ष शारदा प्रसाद सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राधेश्याम तिवारी, उपाध्यक्ष संजय सिंह, महासचिव देवेंद्र तिवारी, कोषाध्यक्ष अजय सिंह, सदस्य अनुराग त्रिपाठी, आदित्य दुबे सहित और समाज के अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। समारोह ने स्वतंत्रता दिवस को केवल उत्सव के रूप में मनाने के बजाय शहीदों के बलिदान को याद करने, उनके परिवारों का सम्मान करने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
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