वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच हरियाणा ने किया देशभक्तों को नमन
वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच हरियाणा ने किया देशभक्तों को नमन
वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच हरियाणा इकाई -4 द्वारा आयोजित वर्चुअल कवि सम्मेलन में आजादी के लिए कुर्बान हुए शहीदों और देशभक्तों को नमन किया गया । इस कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच हरियाणा इकाई के अध्यक्ष डॉ त्रिलोक चंद फतेहपुरी ने की तथा मुख्य अतिथि के तौर पर वनकाम छत्तीसगढ़ की अध्यक्ष कवयित्री डॉ अनीता झा रायपुर उपस्थित रही । इस कवि सम्मेलन में हरियाणा के कवियों के अलावा दूसरे प्रदेशों के कवियों ने भी भाग लिया । कवि सम्मेलन की शुरुआत कवयित्री डॉ सुशीला जांगड़ा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई । उसके बाद मुंबई के कवि डॉ. रामजीलाल वर्मा ने मंगलाचरण किया । वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच के नियमों के अनुसार सभी कवियों ने निर्धारित समय में देशभक्तों व शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देशभक्ति और राष्ट्र प्रेम की शानदार रचनाएं प्रस्तुत की । कवि सभा चंद सुभाष दुबलाना महेंद्रगढ़ ने तिरंगा कविता द्वारा शहीदों को याद किया --
भरो जोश देश के लोगों ,ले चलो तिरंगा प्यारा !
कवयित्री डॉ मधु स्वामी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में अपनी कविता के माध्यम से देश भक्तों को नमन का किया -
भारत मां की जय बोलते -बोलते
जान दे दी वतन के लिए,
तिरंगे को चुना था कफन के लिए !
मुंबई के कवि डॉ दयाराम 'दर्द' ने शहीदों को नमन करते हुए मुक्तक और गीत द्वारा अनेकता में एकता का संदेश दिया -
आपस में अनेक सही, हम देश के लिए एक हैं
हम एक हैं ! हम एक हैं !
कवयित्री डॉ चंचल ढींगरा गुरुग्राम ने भी शहीदों का नमन करते हुए कहा -
आह्वान तुम्हारा करती हूॅं , गुणगान तुम्हारा करती हूॅं ।
ओ भारत के वीर बांकुरों , प्रणाम तुम्हें ही करती हूॅं ।
लोक कवि दलबीर फूल रेवाड़ी ने भी मुक्तकों के माध्यम से अपने काव्य पाठ की शुरुआत की -
जग में जय जयकार हो उनकी जो दे गए कुर्बानी।
शहीदों की वह कुर्बानी भुलाई जा नहीं सकती ।
कवयित्री डॉ सुशीला जांगड़ा जींद ने अपनी कविता के माध्यम देशभक्तों को नमन किया ..
वीरों की भूमि है भारत जय- जय शहीदों की बोलो ।
अमर कहानी आजादी के परवानों की बोलो !
कवि डॉ रामजीलाल वर्मा मुंबई ने
"करो मरो का नारा दिया बापू गांधी ने" कविता के माध्यम से आजादी के दीवानों को व देशभक्तों को नमन किया ।
डॉ देवी राम शर्मा रेवाड़ी ने बच्चों को संबोधित करते हुए ओजस्वी स्वर में रचना प्रस्तुत की
आओ बच्चों तुम्हें सुनाए कहानी वीर जवान की ।
सीमा पर जो पहरा देता ना परवाह करे प्राण की ।
कवि डॉ संजय जैन मुंबई ने मुक्तक और गीत के माध्यम से देशभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की -
मैं हिल मिलकर रहने में विश्वास बहुत करता हूॅं
अपने अरमानों को साकार यहाॅं करता हूॅं ।
कवयित्री प्रीति कौशिक ने शहीदों को इस प्रकार नमन किया -
सीमा पर मरने वाला हर जवान अपना है।
सीना तानकर खड़ा वह जवान अपना है।
अन्न उगाने वाला वह किसान अपना है ।।
कवि डॉ त्रिलोक चंद फतेहपुरी ने मुक्तक के माध्यम से शहीदों को नमन किया -
साहसी वीर युवा ही जोश अपना जगाते हैं ।
देशसेवा का व्रत लेकर फर्ज अपना निभाते हैं ।
जिन्होंने तान कर सीना लहू अपना बहाया है,
शहादत के वो परवाने सदा ही याद आते हैं ।
कवि श्री नेमीचंद शांडिल्य रेवाड़ी ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि --
जन धन खोया सही त्रासदी रतन अमोलक वार दिए ।
जीने का हक लेकर आए लेकिन बेहक मार दिए ।।
कवि डॉ शुभ राम शास्त्री रेवाड़ी ने अपनी कुंडलिया छंद के माध्यम से देशभक्तों को श्रद्धांजलि दी ।
मुख्य अतिथि कवयित्री श्रीमती अनीता झा रायपुर छत्तीसगढ़ ने मुक्तकों व गीत द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की --
मैं अपनी आजादी के लिए जीती हूॅं
मैं आज भी जीती हूॅं और कल भी जीती हूॅं
मैं आज से बेहतर कल को बनाना जानती हूॅं ।
इस प्रकार सभी कवियों ने देशभक्ति और राष्ट्र प्रेम की शानदार प्रस्तुतियां दी । जयहिंद , वंदे मातरम, भारत माता की जय , इंकलाब जिंदाबाद जैसे उद्घोष नारे लगाए गए । मंच संचालन डॉ त्रिलोक चंद फतेहपुरी महेंद्रगढ़ ने किया ।वरिष्ठ नागरिक काव्य मंच हरियाणा इकाई की महासचिव कवयित्री दीपा शर्मा उजाला फरीदाबाद ने काव्य गोष्ठी में उपस्थित कवियों का तथा मुख्य अतिथि डॉ अनीता झा रायपुर छत्तीसगढ़ का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया ।
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