गीतकार श्री अरुण दुबे 'अविकल' के 69वें जन्मदिन पर जुटे नामचीन कवि, साहित्यकार
गीतकार श्री अरुण दुबे 'अविकल' के 69वें जन्मदिन पर जुटे नामचीन कवि, साहित्यकार
मुंबई, 25 अगस्त 2026
बहुत ही विनम्र, सरल, सौम्य और मधुर कंठ के धनी कवि-गीतकार श्री अरुण दुबे 'अविकल' के 69वें जन्मदिन ( 25अगस्त) के अवसर पर बधाइयां देने के लिए 'पंचशील प्रतिष्ठान ट्रस्ट', कांदिवली (पश्चिम), मुंबई में मुंबई महानगर और आसपास के उपनगरों से दर्जनों नामचीन कवि-साहित्यकार जुटे।
इस सरप्राइज कार्यक्रम का आयोजन श्री अरुण दुबे की सुपुत्री श्रीमती अल्पा और दामाद श्री अमित कुमार ने किया। उल्लेखनीय है कि ये युगल देश के जाने-माने मार्शल आर्ट ट्रेनर हैं। उपस्थित सुधी साहित्यकारों के बीच दोनों परिवार के परिजनों और मित्रों ने हर्षोल्लासपूर्वक श्री अरुण दुबे का जन्मोत्सव मनाया, मुंह मीठा किया।
तत्पश्चात महाराष्ट्र राज्य साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष और शिक्षाविद, आलोचक डा. शीतला प्रसाद दुबे की गरिमामय अध्यक्षता मेें एक भव्य कवि-सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी देशभक्तिपरक और वीर रस से परिपूर्ण कविताओं से धूम मचाने वाले, डा. आशुतोष राणा अभिनीत 'हमारे राम' तथा श्री सौरभ भारद्वाज अभिनीत 'मेरे कृष्ण' जैसे लोकप्रिय नाटकों के प्रणेता डाॅ. नरेश कात्यायन। विशिष्ट अतिथि के रूप मेें मंच पर शोभायमान रहे वरिष्ठ कवि, गंभीर चिंतक, लेखक, समीक्षक और प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था 'काव्य-सृजन परिवार' के मार्गदर्शक श्री हौंसला प्रसाद 'अन्वेषी'।
कवि-सम्मेलन का प्रारंभ लोकप्रिय कवयित्री श्रीमती कुसुम तिवारी द्वारा प्रस्तुत सुमधुर सरस्वती वंदना से हुआ। इसमेें मंचस्थ दिग्गज साहित्यकारों, संचालनकर्ता के साथ-साथ महानगर के चर्चित और लोकप्रिय रचनाकारों - श्री जवाहरलाल निर्झर, श्री अनिल गौड़, डा. रोशनी किरण, श्रीमती कुसुम तिवारी 'झल्ली', डा. मृदुल तिवारी 'महक', आत्मिक श्रीधर मिश्र, श्री अंजनी कुमार द्विवेदी, श्री वाचस्पति तिवारी, श्रीमती किरण मिश्रा, सुश्री नीतू पाण्डेय 'क्रांति' और बर्थडे ब्वाय श्री अरुण दुबे 'अविकल' आदि ने अपनी विविध रसमयी कविताओं, गीतों से श्रोताओं को सराबोर कर दिया। रसमय वातावरण से प्रसन्न इंद्रदेव भी झूमकर बरसे।
कार्यक्रम का सुघड़ संचालन समसामयिक चेतना के प्रखर कवि श्री ओम प्रकाश तिवारी ने किया। श्री अरुण दुबे 'अविकल' और श्रीमती कुमकुम दुबे के आत्मीय धन्यवाद ज्ञापन और तत्पश्चात सुमधुर भोज के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
रिपोर्टिंग : 26 अगस्त, 2926
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