अथर्वन फाउंडेशन द्वारा चन्द्रशेखर आज़ाद पार्क में "सीड बॉम्ब कार्यशाला" का सफल आयोजन

अथर्वन फाउंडेशन द्वारा चन्द्रशेखर आज़ाद पार्क में "सीड बॉम्ब कार्यशाला" का सफल आयोजन
प्रयागराज, 05 जुलाई।

पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में अथर्वन फाउंडेशन द्वारा आज प्रातः चन्द्रशेखर आज़ाद पार्क, प्रयागराज में "सीड बॉम्ब कार्यशाला" का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना तथा वर्षा ऋतु में अधिकाधिक वृक्षों के प्राकृतिक विस्तार हेतु सीड बॉम्ब तकनीक से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय डॉ. सुमन दुबे, डॉ. जयिता सरन एवं हेमंत द्वारा किया गया। इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री बृजेश मिश्रा, सचिव डॉ. कंचन मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव एवं श्री शैलेन्द्र सिंह, तथा कोषाध्यक्ष डॉ. सुभाष की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम की सबसे प्रेरणादायक बात यह रही कि पार्क में भ्रमण के लिए आए मॉर्निंग वॉकर्स अथर्वन फाउंडेशन की इस अनूठी पहल से अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने न केवल सीड बॉम्ब बनाने की विधि सीखी, बल्कि उत्साहपूर्वक स्वयं सीड बॉम्ब तैयार किए और उन्हें अपने साथ ले जाकर विभिन्न स्थानों पर रोपित करने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों सहित हर आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। विशेष रूप से युवा वर्ग ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति गहरी रुचि एवं उत्साह प्रदर्शित किया, जो समाज में बढ़ती पर्यावरणीय जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।

इस अवसर पर फाउंडेशन के सदस्य डॉ. समीर भार्गव, डॉ. अर्चना जैन, अल्पना सिंह, प्रीति गोयनका, ऋतु खंडूजा, मोहिता त्रिपाठी, ठाकुर स्नेहलता,डॉ. अर्चना मिश्रा, एडवोकेट अंकित पाठक, एडवोकेट आशीष मिश्रा, एडवोकेट धर्मेन्द्र, डॉ. आशा जायसवाल, आशा सिंह, अर्चना गुप्ता, मधु सिंह, कल्पना गुप्ता, प्रीति गुप्ता, डॉ. मोना, डॉ. मनीषा, डॉ. मयूरिका, नीलम पाण्डेय एवं शैलेन्द्र प्रजापति सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।

सीड बॉम्ब क्या है?
सीड बॉम्ब मिट्टी, गोबर/कम्पोस्ट एवं देशी पौधों के बीजों से बना एक छोटा गोला होता है, जिसे वर्षा ऋतु में अनुपयोगी अथवा बंजर भूमि पर फेंकने से अनुकूल परिस्थितियों में बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेते हैं। यह कम लागत, सरल एवं प्रकृति-अनुकूल वनीकरण की प्रभावी तकनीक है।

उचित मौसम, स्थानीय प्रजातियों के बीज तथा अनुकूल परिस्थितियों में सीड बॉम्ब से अंकुरण की सफलता दर सामान्यतः 50 से 70 प्रतिशत तक हो सकती है, जबकि सही देखभाल एवं उपयुक्त स्थान पर यह और अधिक हो सकती है। यह तकनीक बड़े पैमाने पर हरित आवरण बढ़ाने, जैव विविधता के संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस अवसर पर अथर्वन फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में पर्यावरण संरक्षण अभियानों से जुड़ने तथा अपने जीवन में कम से कम एक पौधे के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।

"पेड़ लगाना केवल प्रकृति की सेवा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में किया गया सबसे मूल्यवान निवेश है।"

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