समाज सुधार की दिशा में अमिलिया (डोभी) की एक बेहतरीन और प्रेरणादायी पहल

समाज सुधार की दिशा में अमिलिया (डोभी) की एक बेहतरीन और प्रेरणादायी पहल
जौनपुर (डोभी): फिजूलखर्ची और कुरीतियों को छोड़, समाज को एक नई और सकारात्मक दिशा दिखाने  वाली एक बेहद सराहनीय तस्वीर डोभी क्षेत्र के ग्राम अमिलिया से सामने आई है।

ग्राम अमिलिया निवासी  दया शरण सिंह एवं  मया शरण सिंह ने समाज सुधार समिति के सुझाव को सहर्ष स्वीकार करते हुए, अपने पूज्यनीय पिताजी स्वर्गीय संकटा प्रसाद सिंह 'फौजी' जी के त्रयोदशाह (13वीं) संस्कार को अत्यंत सूक्ष्म (संक्षिप्त) और सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न किया। इतना ही नहीं, पूज्य पिताजी की पावन स्मृति को जीवंत रखने के लिए परिवार द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया।

फिजूलखर्ची के खिलाफ एक बड़ा संदेश
इस अनुकरणीय कार्य का पूरे क्षेत्र में बहुत ही सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों और आम जनता द्वारा इस पहल की जमकर सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि मृत्युभोज जैसे कार्यक्रमों को जितना संभव हो सके संक्षिप्त किया जाना चाहिए, ताकि समाज में फैली कुरीतियों और अनावश्यक आर्थिक बोझ (व्यय) को कम किया जा सके। स्वर्गीय संकटा प्रसाद सिंह जी (फौजी) ने जीवनभर देश की सेवा की, और आज उनके सुपुत्रों ने इस सादगीपूर्ण आयोजन से समाज सेवा की एक नई मिसाल पेश की है।

श्रद्धांजलि सभा में उमडे़ प्रबुद्ध जन

इसी क्रम में पूज्य फौजी साहब की स्मृति में एक गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें समाज सुधार समिति के पदाधिकारियो  के साथ- साथ क्षेत्र के अनेक विशिष्ट जनों  ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और स्वर्गीय फौजी साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। 

उपस्थिति:
इस अवसर पर मुख्य रूप से  वीरेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. नरसिंह बहादुर सिंह, डॉ. हर्षवर्धन सिंह,  प्रकाश सिंह, त्रिभुवन नारायण सिंह,  चंद्रसेन सिंह, विनोद सिंह, रविंद्र सिंह,  रामभुवन सिंह,  विनय सिंह सहित समाज सुधार समिति के सम्मानित सदस्य और क्षेत्र से आए तमाम शुभेच्छु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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