बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट ठाणे का सम्मान -समारोह एवं काव्य गोष्ठी सम्पन्न

बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट  ठाणे का सम्मान -समारोह एवं काव्य गोष्ठी सम्पन्न 
साहित्य शिक्षा एवं संस्कृति को समर्पित  ट्रस्ट बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट,कल्याण पश्चिम, ठाणे द्वारा  कल  11जून 2026  की संध्या में  सम्मान -समारोह एवं काव्य गोष्ठी का शानदार आयोजन अध्यक्ष शिव कुमार सिंह जी के आवास पर किया गया। इस अवसर पर आकाशवाणी के उद्घोषक एवं वरिष्ठ कवि आनंद प्रकाश सिंह जी मुख्य अतिथि के रूप में  और विशिष्ट अतिथि के रूप में  डॉ ममता झा, डॉ मनीषा सिंह जी आमंत्रित थे। महाराष्ट्र साहित्य अकादमी द्वारा सम्मानित   वरिष्ठ साहित्यकार एवं सम्मानमूर्ति श्री रामकृष्ण सहस्रबुद्धे जी  ने काव्य गोष्ठी के अध्यक्ष पद के उत्तरदायित्व का निर्वहन किया। 
         परंपरा के अनुसार सम्मान- समारोह का शुभारम्भ  जागृति सिन्हा जी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात अध्यक्ष शिवकुमार सिंह जी एवं सचिव सत्यभामा सिंह जी ने नागपुर से पधारे सम्मानमूर्ति श्री रामकृष्ण सहस्रबुद्धे जी  का पारम्परिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया।
      काव्य पाठ की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए संचालिका सुश्री रीना धीमान  ने सर्वप्रथम कवयित्री रिंकी सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया। जिन्होंने भावप्रवण गीत की प्रस्तुति से सबको भाव विभोर कर दिया। काव्य पाठों में मीनाक्षी  (ज़िन्दगी का सफ़र कटा तन्हा ) किरन तिवारी ( रोटी कविता) सुमंगला  ( जवाब लिखेंगे ) सुमित्रा सखी(पर्यावरण दिवस -प्रकृति का गुणगान )
कविता झा  (एक दिन छिड़ी अंगों में लड़ाई..)
जागृति सिन्हा( कैसे चलूँ मैं मनवा से आगे )
कुसुम जी( ग़ज़ल- तंग है इस तरह पैरहन देखिए )
अनिल राही (मैंने चेहरे पर उसके पता रख दिया )
रंजन सरल (या बख्श दे मुहब्बत या,सर को कलम कर दे ) विनय दीप शर्मा ( जाग जा बेटा सवेरा हो गया है ) सदाशिव  चतुर्वेदी (अब नहीं मौत के सामान से डर लगता है )रोशनी किरन जी - भावप्रवण मुक्तक) बिट्टू जैन (लम्हा लम्हा टूट के बिखरा )
सत्यभामा सिंह( गीत जो भी लिख चुके हो)
रीना धीमान (राघव मेरे न्यायालय हैं, राघव ही सरकार )ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से सभी को प्रमुदित कर दिया।
 काव्य पाठ के दूसरे दौर में वरिष्ठ कवि एवं पत्रकार श्री विनय शर्मा दीप जी ने संचालक की भूमिका निभाते हुए बाहुबली सिंह को काव्य पाठ के लिए आमंत्रित किया जिनकी (जाने क्या क्या उसके मन में रहता है )प्रस्तुति को सभी ने सराहा।
इस श्रृंखला में ओम प्रकाश सिंह निडर (मेरी दो बीबियां हैं ),ए. पी. द्विवेदी : लोभ डूबा मन हमारा अब स्वयं को छल रहा है )शिव कुमार सिंह जी (परिवार संगीत का स्वर है ) डॉ ममता झा (जी बोलोगे तो मारे जाओगे ), डॉ मनीषा सिंह (तू कभी अकेली नहीं है )
मुख्य अतिथि आनंद प्रकाश सिंह (स्त्री हो, जो तुम कंठ से नहीं गाती, तुम राग हो जिसे ब्रह्माण्ड को गाना है ) की विविध विषयों पर आधारित कविताओं ने सुन्दर समां बांध दिया।
अध्यक्ष एवं सम्मानमूर्ति श्री रामकृष्ण सहस्रबुद्धे जी  अपने अध्यक्षीय सम्बोधन सभी काव्य पाठों की सराहना करते हुए भावपूर्ण -(पूछ रहा हूँ उत्तर दे दो..
राम लिखा एक पत्थर दे दो )काव्य प्रस्तुति दी। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष श्री ए पी द्विवेदी जी ने मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, संचालक द्वय एवं सभी उपस्थित कवियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सिंह परिवार के सुपुत्र एवं पुत्रवधु द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ  सम्मान समारोह संपन्न हुआ।

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