याद किए गए कवि ओमप्रकाश मिश्र
याद किए गए कवि ओमप्रकाश मिश्र
जौनपुर। 14 मार्च 2026,शनिवार की शाम हिन्दी भवन में प्रगतिशील कवि,ग़ज़लकार,लेखक एवं रंगकर्मी ओमप्रकाश मिश्र की पाँचवीं पुण्यतिथि मनाई गई।कार्यक्रम की अध्यक्षता जाने-माने शायर अहमद निसार ने की और मुख्य अतिथि कवयित्री विभा तिवारी एवं कार्यक्रम संचालन प्रोफेसर धीरेंद्र पटेल किए। सर्वप्रथम ओमप्रकाश मिश्र के तैलचित्र पर माल्यार्पण किया गया।अतिथियों ने श्रद्धासुमन अर्पित करके ओमप्रकाश मिश्र के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।ओमप्रकाश मिश्र के ज्येष्ठ पुत्र और कार्यक्रम के संयोजक, चिकित्सक एवं कवि डॉ प्रतीक मिश्र द्वारा पिता की कविताओं, गीतों और ग़ज़लों का पाठ किया गया।श्रद्धांजलि के बाद एक काव्य गोष्ठी संपन्न हुई,जिसमें मुख्य रूप कविगण में हर्ष दूबे, राजेश पांडेय, संजय सिंह सागर, प्रमोद वाचस्पति, आलम ग़ाज़ीपुरी, अहमद अज़ीज़, अमृत प्रकाश, लाल प्रकाश राही, डॉ प्रतीक मिश्र, डॉ आर के विश्वकर्मा, प्रतिमा मौर्या, प्रो.धीरेन्द्र पटेल, विभा तिवारी और अहमद निसार रहे।मुख्य अतिथि विभा तिवारी ने ओमप्रकाश मिश्र को अपना प्रेरणा स्रोत बताया और अपनी यादों को साझा किया।वेंटिलेटर पर होने के बावजूद वे उनकी ग़ज़लों को सुनते और सराहते रहे।प्रो धोरेन्द्र पटेल ने याद किया कि ओमप्रकाश मिश्र नए रचनाकारों को बड़े ध्यान से सुनते और सराहते थे।उनसे वे लगभग रोज ही मिलते थे और उस दौरान महत्त्वपूर्ण साहित्यिक चर्चायें होती थीं।अहमद निसार ने अपने अध्यक्षीय उद्दबोधन में कहा की, कवि ओमप्रकाश से उनका रूह का रिश्ता रहा और वे लोग हिंदी भवन में प्रायः मिला करते थे। उन्होंने कहा कि कवि मिश्र एक उच्च दर्जे के ग़ज़लकार थे और उनका निधन सभी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।कार्यक्रम में आशा सिंह, रामजीत मिश्र, प्रशांत शुक्ल, मृदुल मिश्र , कुलदीप और अन्य लोगों की उपस्थिति रही।अंत में ओमप्रकाश मिश्र के कनिष्ठ पुत्र अनुभव मिश्र ने एक कविता के माध्यम से पिता को याद किया एवं धन्यवाद ज्ञापन किए।
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