जिम्मेदार और अनुशासित युवा ही राष्ट्र के सच्चे निर्माणकर्ता : प्रोफेसर राजेश सिंह
जिम्मेदार और अनुशासित युवा ही राष्ट्र के सच्चे निर्माणकर्ता : प्रोफेसर राजेश सिंह
जौनपुर। किसी भी राष्ट्र के विकास की वास्तविक शक्ति उसके युवा होते हैं। जब युवा वर्ग अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करता है, तब समाज में प्रगति और सशक्तता का मार्ग प्रशस्त होता है। युवाओं की ऊर्जा यदि सही दिशा में प्रयुक्त हो, तो वह राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का सामर्थ्य रखती है।ये विचार राष्ट्रीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जमुहाई, जौनपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कला संकाय के पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर राजेश कुमार सिंह ने व्यक्त किए।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं अध्यक्ष का माल्यार्पण कर सम्मान किया गया।
समापन समारोह के अवसर पर स्वयंसेवकों द्वारा विविध सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। नृत्य, नाटक एवं गीतों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के क्रम में स्वयंसेवकों द्वारा सात दिवसीय शिविर के दौरान किए गए कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसमें स्वच्छता अभियान, जागरूकता रैलियों एवं अन्य गतिविधियों का उल्लेख किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर मिथिलेश पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन के लिए तैयार करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों को प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन, सेवा-भाव एवं समर्पण के साथ किया गया कार्य ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता एवं सामूहिकता की भावना को विकसित करते हैं।कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रमाधिकारी डॉ. प्रशांत सिंह द्वारा किया गया, जबकि आभार ज्ञापन कार्यक्रमाधिकारी डॉ. तेजप्रताप सिंह ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारीगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।सात दिवसीय विशेष शिविर के सफल समापन के साथ स्वयंसेवकों ने अनुशासन, सेवा एवं सहयोग की भावना को आत्मसात करते हुए भविष्य में भी सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।
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