शिक्षक के साथ-साथ आध्यात्मिक गुरु रहे रामप्यारे दुबे को दी जा रही श्रद्धांजलि
शिक्षक के साथ-साथ आध्यात्मिक गुरु रहे रामप्यारे दुबे को दी जा रही श्रद्धांजलि
जौनपुर। सर्वोदय इंटर कॉलेज, खुदौली में 33 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत पूर्व प्रवक्ता रामप्यारे दुबे ने पिछले दिनों 94 वर्ष की उम्र में दौलतपुर, खुटहन स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। कर्मकांड के प्रकांड विद्वान पंडित रामप्यारे दुबे आध्यात्मिक गुरु के रूप में भी जाने जाते रहे। उनके हजारों शिष्यों के लिए उनका जाना अत्यंत दुखद रहा। उन्हें धारकुंडी आश्रम, सतना से गुरु बाबा की उपाधि मिली थी। वे संस्कृत और हिंदी के प्रकांड विद्वान थे। इसके अलावा मराठी और अंग्रेजी भी धारा प्रवाह बोलते थे। यही कारण था कि उनके आसपास हमेशा जिज्ञासु लोग नजर आते थे। उन्होंने हमेशा लोगों को चरित्रवान बनने और सच्चाई के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया। उनके इकलौते पुत्र डॉ प्रमोद कुमार दुबे लखनऊ में प्रख्यात नेत्र चिकित्सक हैं तथा उनके भाई रामअनुज दुबे प्रवक्ता पद से सेवानिवृत हो चुके हैं। आज सुबह से ही उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पितकरने वालों का ताता लगा रहा। मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे तथा पूर्व प्रधानाचार्य राम अनंद पांडे ने आज सुबह उनके घर पहुंच कर उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर पंडित रामप्यारे दुबे के परिवार के वरिष्ठ पत्रकार चंद्रकांत दुबे तथा पत्रकार संतोष दुबे उपस्थित रहे।
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