मेट्रो पिलर के नीचे मस्जिद, लापरवाह प्रशासन पर गंभीर सवाल

मेट्रो पिलर के नीचे मस्जिद, लापरवाह प्रशासन पर गंभीर सवाल
मुंबई मेट्रो के डीएन नगर से मंडाले (मेट्रो 2B) प्रोजेक्ट के अंतर्गत चेंबूर स्थित सिद्धार्थ कॉलोनी क्षेत्र में मेट्रो पिलर के ठीक नीचे मस्जिद होने का मामला सामने आया है। इस घटना से मेट्रो परियोजना के नियोजन, सुरक्षा और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
पूर्व में मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने MTHL (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक) और SCLR (सांताक्रूज़–चेंबूर लिंक रोड) जैसे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में प्रार्थनास्थलों का सुनियोजित और सफल स्थानांतरण किया है। ऐसे में मेट्रो 2B परियोजना में मेट्रो पिलर के नीचे प्रार्थनास्थल का रह जाना एमएमआरडीए की लापरवाह और असफल योजना का स्पष्ट प्रमाण माना जा रहा है।
मेट्रो 2B प्रोजेक्ट पहले से ही विवादों में रहा है। पूर्व में मार्ग में किए गए बदलावों के कारण कुर्ला पश्चिम के हलाव पुल क्षेत्र में गणेश विसर्जन का मार्ग स्थायी रूप से बंद हो जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा, कुछ प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों को हटाए जाने का भी गंभीर आरोप सामने आया है।
RTI कार्यकर्ता अनिल गलगली ने सवाल उठाया है कि बार-बार किए गए बदलावों, विफल नियोजन और इससे उत्पन्न समस्याओं की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? उन्होंने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और गहन जांच की मांग की है। अनिल गलगली ने स्पष्ट किया कि यदि सार्वजनिक सुरक्षा, धार्मिक स्थलों के प्रति संवेदनशीलता और परियोजना की विश्वसनीयता का पालन नहीं किया गया, तो ऐसे महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स पर आम जनता का विश्वास गंभीर रूप से कमजोर होगा।

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