*हम ढूॅंढ़ रहे हैं खाटू श्याम*

*हम ढूॅंढ़ रहे हैं खाटू श्याम*

खाटू आप बसे हो घट घट में,हम ढूॅंढ़ रहे हैं मधुवन में।
कभी इस उपवन कभी उस उपवन,कभी उस उपवन कभी इस उपवन।।
हम ढूॅंढ़ रहे हैं अवनि नभ में।
खाटू आप बसे हो घट घट में,हम ढूॅंढ़ रहे हैं मधुवन में।।

कभी गोकुल में कभी मथुरा में,हम ढूॅंढ़ रहे तट यमुना में।
कभी इस तट पे कभी उस तट पे,कभी उस तट पे कभी इस तट पे।।
हम ढूॅंढ़ रहे हैं अवनि नभ में।
खाटू आप बसे हो घट घट में,हम ढूॅंढ़ रहे हैं मधुवन में।।

कभी पूरब में कभी पश्चिम में,हम ढूॅंढ़ रहे हैं सीकर में।
कभी इधर उधर कभी उधर इधर,जाने किधर किधर।।
हम ढूॅंढ़ रहे हैं अवनि नभ में।
खाटू आप बसे हो घट घट में,हम ढूॅंढ़ रहे हैं मधुवन में।।

कभी दक्षिण में कभी उत्तर में,हम ढूॅंढ़ रहे बेलापुर में।
कभी इस सरहद कभी उस सरहद,कभी उस सरहद कभी इस सरहद।।
हम ढूॅंढ़ रहे हैं अवनि नभ में।
खाटू आप बसे हो घट घट में, हम ढूॅंढ़ रहे हैं मधुवन में।।

कभी कंकण में कभी पत्थर में,हम ढूॅंढ़ रहे हैं जल थल में।
इह लोक कभी उह लोक कभी,उह लोक कभी इह लोक कभी।।
हम ढूॅंढ़ रहे हैं अवनि नभ में।
खाटू आप बसे हो घट घट में, हम ढूॅंढ़ रहे हैं मधुवन में।।
पं.जमदग्निपुरी

Comments

Popular posts from this blog

*एन के ई एस स्कूल के विद्यार्थियों ने जीता कबड्डी प्रतियोगिता*

शिक्षा द्वारा हजारों बच्चों की जिंदगी बनाने वाली राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाध्यापिका सुश्री ललीता गुलाटी का दु:खद निधन

आदर्श शिक्षक रामभाऊ लक्ष्मीबाई हरी काकड प्रदीर्घ सेवेनंतर सेवानिवृत्त.