न कोई शिकवा गिला शिकायत किया करेंगे,ऐ तय हुआ था।।

न कोई शिकवा गिला शिकायत  किया करेंगे,ऐ तय हुआ था।। 
हम एक दूजे के दिल में रह कर खिला करेंगे, ऐ तय हुआ था।। 
बड़े मुकद्दर से हम मिले थे, निभायेंगे अपना-  अपना वादा-
कभी न टूटेगा सिलसिला ये मिला करेंगे, ऐ तय हुआ था।।

हो रात पूनम की या अमावस, हो शीत ऋतु गर्मी चाहे पावस-
कदम- कदम से मिला हम तुम चला करेंगे, ऐ तय हुआ था।।

निभायेंगे संबंध खुल कर, जियें मरेंगे संग मिलकर-
हम एक दूजे की भावना को पढ़ा करेंगे, ऐ तय हुआ था।।

भटक गये क्यों हवश में आकर, गिरीश मनमानी छोड़ दे तू-
 बुरा किसी का नहीं करेंगे,भला करेंगे, ऐ तय हुआ था।।

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