*बड़कू हनुमान मंदिर से गूंजा पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान, श्रद्धालुओं और पत्रकारों ने रोपे जीवन के प्रहरी*
*बड़कू हनुमान मंदिर से गूंजा पर्यावरण संरक्षण का महाअभियान, श्रद्धालुओं और पत्रकारों ने रोपे जीवन के प्रहरी*
रिपोर्टर, सुरेश कुमार शर्मा
जौनपुर। जनपद के जलालपुर क्षेत्र के पूरेव स्थित ऐतिहासिक बड़कू हनुमान मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन के उद्देश्य से आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान जनजागरण का प्रेरक उदाहरण बन गया। श्रद्धालुओं, पत्रकारों, महिलाओं, युवाओं और क्षेत्रीय नागरिकों ने एकजुट होकर छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया और प्रकृति को सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर के पूज्य महंत श्री रामदास जी महाराज ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। उन्होंने भगवान हनुमान के चरणों में पहला पौधा समर्पित करते हुए कहा कि "पेड़ केवल हरियाली नहीं, बल्कि मानव जीवन की सांस हैं। यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानवता का भविष्य सुरक्षित रहेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
वृक्षारोपण अभियान के दौरान पूरे मंदिर परिसर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने यह संदेश दिया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है। यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, युवाओं तथा पत्रकार साथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि "एक पेड़, अनेक जीवन" का संदेश प्रत्येक घर तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम के अंत में स्थानीय आयोजकों ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं, पत्रकारों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण की यह मुहिम भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। यह आयोजन केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने वाला प्रेरणादायक अभियान बन गया।
जब समाज, संत और पत्रकार एक साथ प्रकृति के लिए आगे आते हैं। तब केवल पौधे नहीं रोपे जाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जाती है।
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