चुनौतियों को स्वीकार कर लल्लन तिवारी ने सफलता के शिखर पर लहराया परचम(शिवपूजन पांडे, वरिष्ठ पत्रकार)
चुनौतियों को स्वीकार कर लल्लन तिवारी ने सफलता के शिखर पर लहराया परचम
(शिवपूजन पांडे, वरिष्ठ पत्रकार)
एक अच्छे व्यक्ति की पहचान उसके कर्म, विचारों और दूसरों के प्रति व्यवहार से होती है। उनकी मुख्य विशेषताओं में सच्चाई और ईमानदारी, दूसरों के सुख-दुख समझने की क्षमता (सहानुभूति), छोटों-बड़ों का सम्मान, बिना स्वार्थ के दूसरों की मदद करना, और अपनी गलतियों की जिम्मेदारी लेना शामिल हैं। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी एक ऐसे व्यक्तित्व का नाम है, जिन्होंने अपने कृतित्व से साबित कर दिया कि संघर्षों से डरने की बजाय उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए। लल्लन तिवारी आज जिस मुकाम पर हैं, वह एक दिन की सफलता नहीं है। उसके पीछे एक लंबे संघर्ष की गाथा जुड़ी हुई है। परिस्थितियां और चुनौतियां कितनी भी कठिन रही हों, तिवारी जी ने कभी हार नहीं मानी। उन्हें मालूम था कि रात कितनी भी बड़ी हो, परंतु वह दिन के उजालों को नहीं रोक सकती। आज शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक,सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी उनका विशेष सम्मान है। भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर समेत अनेक मंदिरों के निर्माण और जीर्णोद्धार उनका महत्वपूर्ण योगदान है। पैतृक गांव महुअर कला,चंदौली स्थित राहुल नॉलेज सिटी परिसर में स्थापित हो रही पिता श्री रामअधार तिवारी जी की भव्य प्रतिमा का काम तेजी से चल रहा है। लल्लन तिवारी का साफ मानना है कि माता-पिता के अंतःकरण से प्राप्त आशीर्वाद के बिना कोई भी व्यक्ति ना तो विकास कर सकता है और ना ही सुखपूर्वक रह सकता है। आप राहुल एजुकेशन द्वारा संचालित किसी भी कॉलेज या स्कूल के कार्यालय में जाएं तो आपको वहां श्री तिवारी जी के माता-पिता की भव्य तस्वीर दिखाई देगी। तिवारी जी किसी भी नए काम का शुभारंभ अपने माता-पिता की तस्वीर को श्रद्धा पूर्वक नमन करने के बाद ही करते हैं। उत्तर भारतीय समाज के बीच लल्लन तिवारी एक ऐसा सम्मानजनक नाम है, जिन्हें अपने बीच पाकर हर कोई धन्य हो जाता है।
लल्लन तिवारी में सबसे अच्छी बात यह है कि वह अपने पास आने वाले हर व्यक्ति को धंधा/ बिजनेस के लिए प्रेरित करते हैं। यही नहीं उसे आगे बढ़ाने की दिशा में अपना पूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं। आज आपको बहुत सारे ऐसे बिजनेसमैन मिलेंगे, जो साफ तौर पर स्वीकार करते हैं कि तिवारी जी की प्रेरणा और आशीर्वाद से उनकी जीवन शैली बदल गई। तिवारी जी को चाहने वाले लोगों में सिर्फ उत्तर भारतीय ही नहीं अपितु मराठी,गुजराती मारवाड़ी समुदाय के लोग भी शामिल हैं। 20 जुलाई को लल्लन तिवारी का 77 वां जन्मदिन है। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी मीरा रोड में जोरदार तैयारी की गई है। राजनीति और समाज से जुड़े हुए तमाम लोगों को उनके जन्मदिन का बेसब्री से इंतजार रहता है।
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