एडवोकेट रेखा किंगर "रोशनी" को मिला नारी शक्ति साहित्य सम्मान
एडवोकेट रेखा किंगर "रोशनी" को मिला नारी शक्ति साहित्य सम्मान
मुंबई
अंधेरी स्थित शाकुंतल स्टूडियो में सुप्रसिद्ध रंगकर्मी मुजीब खान की संस्था आइडिया के तत्वावधान में रविवार 8 मार्च 2026 को विश्व महिला दिवस आयोजित किया गया।जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार अभिलाष अवस्थी ने किया। उक्त समारोह में अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु अनेक महिलाओं को सम्मानित किया गया।जिसमें मुंबई की चार उत्कृष्ट साहित्यकार महिलाओं में शायरा एड.रेखा किंगर रोशनी, डॉ. कुसुम त्रिपाठी,नीलिमा पाण्डेय तथा शायरा तबस्सुम नाडकर साहिबा को सम्मानित किया गया।आयोजन में मुजीब खान की सुपुत्री ने भी बढ़ चढ़ कर सहयोग किया।विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य में गज़लकार एडवोकेट रेखा किंगर 'रोशनी' ने कानूनी दृष्टि से महिला सशक्तिकरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को उनके संवैधानिक,मौलिक और कानूनी अधिकारों (जैसे समानता,शिक्षा,संपत्ति और सुरक्षा) के प्रति जागरूक बनाकर,उन्हें निर्णय लेने की क्षमता में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है।भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15(3), 16, और 39(घ) के तहत महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार और अवसर प्राप्त हैं,जिसमें घरेलू हिंसा, दहेज और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के विरुद्ध सख्त कानून शामिल हैं।प्रमुख कानूनी और संवैधानिक प्रावधान के अंतर्गत भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार देता है,जबकि अनुच्छेद 15(3) महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान (सशक्तिकरण हेतु) की अनुमति देता है।अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर प्रदान करता है जैसे अनेकों कानून महिलाओं के हितार्थ रखा और जाते-जाते साहिर लुधियानवी को याद करते हुए उनकी रचनाओं का पाठ एवं कुछ चुनिंदा अशआर पेश किए।उर्दू शायरा तबस्सुम नाड़कर ने भी महिला सशक्तिकरण का समर्थन किया। डाॅ नीलिमा पाण्डेय ने स्त्री पुरुष के समान वर्चस्व की बात कही तो डॉ.कुसुम त्रिपाठी ने विश्व महिला दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि कानूनी सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,प्रधानमंत्री मुद्रा योजना वन स्टॉप सेंटर और महिला शक्ति केंद्र जैसी योजनाएं शुरू की हैं।ये कानूनी उपाय न केवल महिलाओं को भेदभाव और शोषण से बचाते हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र होने के लिए सशक्त भी बनाते हैं।आयोजन में प्रेमचंद की चार कहानियों मासूम बच्चा,लांछन, बड़े भाई साहब और होली का नाट्य मंचन किया गया।मुजीब खान के निर्देशन में किए गए नाटक के सभी पात्र उत्कृष्ट थे जिनके कला की सराहना हुई।मुजीब खान अंधेरी के शाकुंतल स्टूडियो में प्रेमचंद की कहानियों का नाट्य मंचन पिछले 20 साल से कर रहे हैं तथा लगभग 300 कहानियों का मंचन कर चुके हैं।इस अवसर पर कवयित्री शुभकीर्ति माहेश्वरी तथा शायरा,अभिनेत्री व कवयित्री हेमा चंदानी की खास उपस्थिति रही।
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