पीड़ित लाइनमैन छह माह से लगा रहा अधिकारियों के यहाँ चक्कर
पीड़ित लाइनमैन छह माह से लगा रहा अधिकारियों के यहाँ चक्कर
जौनपुर। बिजली विभाग के मछलीशहर डिवीजन में अधिशासी अभियंता द्वारा किए गए घोटाले की जांच के लिए दो सदस्यीय एक टीम मछलीशहर कार्यालय पहुंची। जहाँ पीड़ित संविदा लाइनमैन अखिलेश कुमार ने अपने गलत तरीके से किए गए निष्कासन के मामले की सुनवाई के लिए जाँच टीम से पुरजोर मांग की। मुंगरा बादशाहपुर के धौरहरा गांव निवासी पवन कुमार पाण्डेय ने अधिशासी अभियंता मछलीशहर राजन कुमार द्वारा किए गए बिजली विभाग के राजस्व घोटाले का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री सहित विद्युत उच्चाघिकारियों को शिकायती पत्र के साथ साक्ष्य सहित शपथ पत्र देते हुए आरोप लगाया है जिसमे दस लोगों के साथ हुए इस भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाया गया है। इन उपभोक्तओं का 1 लाख का बिजली बिल महज 5 हजार लेकर एक्स ई एन मछलीशहर द्वारा खत्मकर दिया गया हैं। पी.डी. करने के बाद उसी नाम से उसी परिसर में नया कनेक्शन दे दिया गया हैं।अधिशासी अभियंता की शिकायत कि जाँच के लिए अधिशासी अभियंता मीटर व लेखाकार की टीम मछलीशहर पहुँची। उधर पवन का यह भी आरोप है कि वहाँ
लाइन शिफ्ट करने के नाम पर लाखो के राजस्व का नुकसान हुआ है। बिल रिवीजन के नाम पर यदि मछलीशहर डिविजन कि जाँच करायी जाये तो कई करोड़ का घोटाला सामने आयेगा। आरोप यह भी है की विद्युत विभाग के नियमों व दिशा निर्देशों को दर किनार करते हुए कनेक्शन के नाम पर अलग-अलग देय शुल्को में रसीद काटी जा रही हैं। जिले के इस डिविजन में सुविधा शुल्क देने पर 1100, 1000, 2700 कि रसीद काटी जाती है जबकि सामान्यतः 6100 कि रसीद कट रही हैं। अधिशासी अभियंता की शिकायत पाँच माह पूर्व ही की गई थी। साक्ष्य सहित आठ मामलों को विभाग को दिया गया था। अभी यह जांच पूरी नहीं हुई थी, तब तक आठ मामलों को और उजागर करते हुए फिर से जांच कराये जाने की माँग की गई। अधीक्षण अभियंता बिजली जौनपुर, अनिल कुमार पाठक ने बताया कि राजस्व घोटाले के मामले की शिकायत में अधिशासी अभियंता मछलीशहर की जाँच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जाँच टीम वहाँ अपना काम कर रही है। जाँच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जायेगी।
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