मैं स्त्री हूँ संतोष कुमार झा

मैं स्त्री हूँ 
*--- संतोष कुमार झा 

मैं सृष्टि की उद्भव हूँ 
रचना की पर्याय हूँ 
कला का रूप हूँ 
शौर्य का प्रादुर्भाव हूँ 
मैं स्त्री हूँ 

मैं पराक्रम का उद्गम हूँ 
साहस की ज्योत हूँ 
सहनशीलता का उत्कर्ष हूँ 
क्षमा की स्रोत हूँ 
मैं स्त्री हूँ 

मैं चरित्र निर्माण की नींव हूँ 
त्याग का स्वरूप हूँ 
संस्कृति का आधार हूँ 
शक्ति का प्रतिरूप हूँ 
मैं स्त्री हूँ 

विश्व महिला दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएँ 

कवि सन्तोष कुमार झा
  संप्रति-सीएमडी कोंकण रेलवे, मुंबई

Comments

Popular posts from this blog

*एन के ई एस स्कूल के विद्यार्थियों ने जीता कबड्डी प्रतियोगिता*

महापालिका कर्मचाऱ्यांच्या आंदोलनातून सकारात्मक तोडगा निघाला

श्रीमती गुजना इंग्लिश हाई स्कूल का 45वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न