केंद्रीय विश्वविद्यालय नाशिक परिसर में भारतीय भाषा परिवार का दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न।
केंद्रीय विश्वविद्यालय नाशिक परिसर में भारतीय भाषा परिवार का दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न।
नाशिक :केन्द्रीय विश्वविद्यालय नाशिक परिसर में भारतीय भाषा परिवार का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय भाषा परिवार समिति के अध्यक्ष चम्मूकृष्ण शास्त्री ने आभासीय रूप से अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि कोई भी भारतीय भाषा समाज, राष्ट्र एवं देश को तोड़ने के लिए नहीं होता है, बल्कि इन तीनों को जोड़ने के लिए होता है। ब्रिटिश शासन के पूर्व भारत में भाषा के आधार पर द्वेष नहीं था विविधता में एकता का परिचय था। यही भारत की संस्कृति और सभ्यता की पहचान थी जिसे अंग्रेजो ने नष्ट करने का काम किया अब विविधता में एकता का को बनाए रखने का काम भारतीय भाषा परिवार के माध्यम से किया जा सकता है तभी हमारी संस्कृति और सभ्यता के द्वारा एक भारत श्रेष्ठ भारत का नारा सार्थक होगा। मुख्य अतिथि के रूप में पांडिचेरी विश्वविद्यालय हिंदी विभागाध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्र में भाषा के द्वारा नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है। किंतु जो काम 18वीं सदी में किया गया अब भारतीय भाषा परिवार के द्वारा सभी को समझना होगा कि हम सभी भारतीय भाषा परिवार के नागरिक है। विशिष्ट अतिथि के रुप में भारतीय भाषा समिति नई दिल्ली के शैक्षिक समन्वयक डॉ .के गिरिधर राव ने कहा कि स्थानीय भाषा को सीखना जरूरी है भाषा नीति को बदलना है जो ब्रिटिश सरकार के अनुसार बनाई गई थी। सारस्वत अतिथि तथा वक्ता के रुप में हैदराबाद विश्वविद्यालय प्रो.आर सर्राजु ने कहा कि भाषा संप्रेषण ब्यवहार माध्यम का बोध कराता है। जिससे समाज परिभाषित होता है। इस अवसर पर दो भारतीय भाषा परिवार के दो पुस्तकों का विमोचन किया गया। भारतीय भाषा परिवार कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए परिसर के निदेशक प्रो.नीलाभ तिवारी ने कहा कि बहुत सी स्थानीय स्तर पर बोली जाने वाली भारतीय भाषाएं विलुप्त होती जा रही है । इन भाषाओं का संरक्षण करना जरूरी है, तभी भारतीय ज्ञान परम्परा का महत्व होगा।इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय विश्वविद्यालय कनार्टक के वक्ता के रूप में प्रो.भीमराव पंडा भोसले एवं प्रो.गोविंद पांडेय केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर के सह निदेशक ने इस कार्यशाला में भारतीय भाषा परिवार पर अपना विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में 100प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारतीय भाषा परिवार कार्यशाला के संयोजक शिक्षा शास्त्र विभाग के डॉ.विद्याधर प्रभल ने स्वागत भाषण, धन्यवाद शिक्षा शास्त्र विभाग के डॉ.दशरथ भरासागर ने जबकि मंच संचालन व्याकरण विभाग के डॉ.शिवप्रसाद शुक्ल ने किया। इस अवसर पर सभी शिक्षक कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित थे।
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