बीसीटी कोचिंग डिपो को मिला सर्वश्रेष्ठ रखरखाव का सम्मान

बीसीटी कोचिंग डिपो को मिला सर्वश्रेष्ठ रखरखाव का सम्मान
मुंबई।  देश की प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन पिछले तीन वर्षों से सुचारू रूप से जारी है और अपनी उत्कृष्ट सेवा, समयपालन तथा आधुनिक सुविधाओं के कारण यह यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है। वर्ष 2022 में 16 डिब्बों वाले रेक के साथ शुरू हुई इस ट्रेन की बढ़ती लोकप्रियता ने रिकॉर्ड स्तर की माँग पैदा की। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए मई 2025 में पुराने रेक को संवर्धित कर 20 डिब्बों का किया गया जिससे अधिक यात्रियों को सुविधा मिल सकी।
इस ट्रेन ने उत्कृष्ट परिचालन के साथ-साथ रखरखाव के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। पिछले वर्ष बीसीटी कोचिंग डिपो ने पश्चिम रेलवे के जोनल पुरस्कारों में शानदार प्रदर्शन करते हुए सर्वश्रेष्ठ रखरखाव डिपो का सम्मान प्राप्त किया। इसके अलावा 12953 अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस को भी सर्वश्रेष्ठ रखरखाव ट्रेन का पुरस्कार मिला जो डिपो की तकनीकी दक्षता और कार्यकुशलता का प्रमाण है। इन्फ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। पुरानी आरएसी मेंटेनेंस शेड के स्थान पर नए आधुनिक भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है जिससे रखरखाव सुविधाएँ और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी क्षमता विकसित की जा सकेगी।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर वर्ष भर रखरखाव गतिविधियों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कुल 46 कर्मचारियों को डिपो स्तर पर सम्मानित किया गया। विशेष रूप से वंदे भारत की मेंटेनेंस गतिविधियों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले पर्यवेक्षक सहित 13 कर्मचारियों को अलग से सम्मान प्रदान किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत का सफल संचालन केवल आधुनिक तकनीक का परिणाम नहीं बल्कि समर्पित कर्मचारियों की टीमवर्क, सतत निगरानी और उच्च स्तरीय रखरखाव प्रणाली का प्रतिफल है। आने वाले समय में यात्रियों को और बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए तकनीकी उन्नयन और आधारभूत ढाँचे के विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।

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